

Reasons To Avoid Eating In Bed: आज के समय में कई लोग अपने बेड पर बैठकर खाना पसंद करते है। बिस्तर पर बैठकर मोबाइल या लैपटॉप देखते-देखते खाना खाना लोगों की आदत बन चुका है। लेकिन बेहद कम लोग जानते हैं कि ये आदत शास्त्रों और विज्ञान के अनुसार घर में कंगाली और बीमारियां ला सकती है ऐसे में आइए जानते है आखिर बेड पर बैठकर क्यों नहीं खाना चाहिए?
शास्त्रों में भोजन को ‘ब्रह्म’ और सात्विक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। भोजन करने का एक निश्चित स्थान और पवित्र नियम होता है। बिस्तर मूल रूप से सोने और आराम करने का स्थान है, जिसे शास्त्रों में तामसिक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि कोई व्यक्ति बिस्तर पर बैठकर भोजन करता है, तो वह अनजाने में अन्न का अनादर कर रहा होता है। इससे धन की देवी मां लक्ष्मी और धन-धान्य की देवी मां अन्नपूर्णा नाराज हो जाती है। मान्यता है कि ऐसा करने वाले व्यक्ति के घर में धीरे-धीरे कंगाली पैर पसारने लगती है, संचित धन नष्ट हो जाता है और बरकत पूरी तरह खत्म हो जाती है।
ज्योतिष शास्त्र के नजरिए से देखें तो बिस्तर का संबंध कुंडली के बारहवें भाव और शयन सुख से है, जिस पर राहु का प्रभाव माना जाता है। जब आप राहु के स्थान पर बैठकर सात्विक भोजन करते हैं, तो कुंडली में राहु और केतु का दोष बढ़ने लगता है। यह आदत व्यक्ति के जीवन में अचानक आने वाली परेशानियों, आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव का कारण बनती है। ऐसे घरों में बिना वजह क्लेश और अशांति का माहौल बना रहता है।
धार्मिक मान्यता के अलावा आधुनिक चिकित्सा विज्ञान और हेल्थ एक्सपर्ट्स भी बिस्तर पर खाने को एक ‘साइलेंट किलर’ आदत मानते है।
जब हम जमीन पर सुखासन (पालथी मारकर) बैठते हैं, तो हमारा पोस्चर सही रहता है और पाचन अग्नि सही से काम करती है। बेड पर बैठने से रीढ़ की हड्डी और पेट की स्थिति बिगड़ जाती है। जिससे एसिडिटी, गैस और अपच की समस्या होती है।
बिस्तर पर खाते समय भोजन के छोटे-छोटे कण चादर या गद्दों पर गिर जाते है। ये कण नग्न आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन इनसे चींटियां, कॉकरोच और हानिकारक बैक्टीरिया पनपने लगते है। यह बैक्टीरिया त्वचा से जुड़ी बीमारियों और एलर्जी का कारण बनते है।
नींद की बीमारी (Insomnia): हमारे दिमाग की एक Conditioning होती है कि बिस्तर मतलब सोना. जब आप वहां खाने और काम करने लगते हैं, तो दिमाग का स्लीप पैटर्न डिस्टर्ब हो जाता है, जिससे रात को अनिद्रा और डरावने सपने आने की समस्या शुरू हो जाती है।
वास्तु और विज्ञान दोनों दृष्टिकोण से भोजन हमेशा जमीन पर आसन बिछाकर या डाइनिंग टेबल पर बैठकर करना चाहिए। खाते समय आपका मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए। इससे शरीर को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है और आरोग्य की प्राप्ति होती है. इसलिए, अगर आप भी इस आदत के शिकार हैं, तो घर की सुख-समृद्धि और अपनी सेहत के लिए इसे आज ही बदल लें।