नवरात्रि का आज पहला दिन, जानिए कलश स्थापना की विधि, विशेष मंत्र और घटस्थाना सामग्री की लिस्ट
Shardiya Navratri : शारदीय नवरात्र के दिन पहले दिन कलश स्थापना कर मां दुर्गा की उपासना की जाती है ऐसा में आइए जानते है कलश स्थापना में किन चीजों को शामिल करने से साधक को पूजा का फल मिलता है।
- Written By: सीमा कुमारी
शारदीय नवरात्र 2025 घट स्थापना मुहूर्त (सौ.सोशल मीडिया)
Shardiya Navratri Ghatasthapana Samagri: आज 22 सितंबर सोमवार से कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्रि की शुरुआत पूरे देशभर में हो गई है। आदि शक्ति मां भवानी की कृपा पाने के लिए शारदीय नवरात्र का महापर्व बहुत ही शुभ माना जाता है। हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक शारदीय नवरात्रि का पवित्र और खास पर्व मनाया जाता है। इस बार विशेष बात यह है कि नवरात्रि 10 दिनों तक मनाया जाएगा।
क्योंकि 24 और 25 सितंबर दोनों दिन तृतीया तिथि बनने के कारण पर्व सामान्य 9 दिनों की बजाय 10 दिन चलेगा। इसे शुभ माना जाता है, क्योंकि पर्व की तिथि बढ़ने से विशेष लाभ प्राप्त होते हैं।
जैसा कि आप जानते हैं कि, शारदीय नवरात्र के दिन पहले दिन कलश स्थापना कर मां दुर्गा की उपासना की जाती है। ऐसा माना जाता है कि कलश स्थापना में विशेष चीजों को शामिल करने से साधक को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और मां दुर्गा जीवन के सभी दुखों को दूर करती हैं। ऐसे में चलिए इस खबर जानते हैं कि कलश स्थापना की पूजा सामग्री लिस्ट और मुहूर्त के बारे में।
सम्बंधित ख़बरें
Baglamukhi Maa: कौन हैं बगुलामुखी मां? बड़े से बड़ा संकट कर देंगी दूर, शत्रुओं का कर देंगी नाश!
नौकरी में प्रमोशन या बिज़नेस में कैसे मिलेगी सफलता? मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कर लें बस ये 3 काम
किस दिन ही वैशाख की मासिक दुर्गाष्टमी? मां दुर्गा को चढ़ाएं ये चीज़, मिलेगी विशेष कृपा
क्या है जवारे विसर्जन की सही विधि? जानिए क्या हैं इसके नियम और मंत्र
जानिए क्या रहेगा शारदीय नवरात्र 2025 घट स्थापना मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र 22 सितंबर से शुरू हो रही है। इस दिन दो शुभ मुहूर्त हैं। सुबह 6 बजकर 09 मिनट से लेकर सुबह 08 बजकर 06 मिनट है। दूसरा मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त में 11 बजकर 49 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 38 मिनट तक है। इन दोनों में से किसी भी मुहूर्त घटस्थापना कर सकते हैं।
ये है शारदीय नवरात्र 2025 घटस्थापना की सामग्री पूरी लिस्ट:
अनाज, साफ जवा
कलश
गंगाजल
सुपारी, मौली, रोली
जटा वाला नारियल
आम या अशोक के पत्ते
मिट्टी का बर्तन
किसी पवित्र स्थान की मिट्टी (मंदिर आदि)
अखंड ज्योति के लिए बड़ा दीया, रुई की बाती
लाल सूत्र, सिक्का
लाल कपड़ा
फूल, फूल माला
इलायची, लौंग, कपूर
अक्षत, हल्दी
कैसे करें शारदीय नवरात्र 2025 घट स्थापना
- हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, इस दिन सुबह स्नान करने के बाद सबसे पहले सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- इसके बाद मंदिर की साफ-सफाई करें।
- बता दें, कलश स्थापना के लिए घर की उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा को शुभ माना जाता है।
- कलश में साफ जल भरकर उसमें सिक्का, फूल और अक्षत डालें।
- इसके बाद कलश पर स्वास्तिक बनाएं और कलावा लपेट दें।
- लाल चुनरी में नारियल को लपेट कर कलश के ऊपर रख दें।
- देसी घी का दीपक जलाकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करें। व्रत कथा का पाठ करें। फल और मिठाई का भोग लगाएं।
ये भी पढ़ें-नवरात्रि में जलाना हो अखंड ज्योत, तो इससे जुड़े नियम जान लें, तभी मिलेगी माता की कृपा।
करें इन मंत्रों का जप
ॐ ह्रींग डुंग दुर्गायै नमः
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै
सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।
