Durgashtami Vrat: जून महीने में किस दिन है मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत, जानिए सही तारीख, पूजा विधि और महाउपाय
Durgashtami Vrat 2026 :मासिक दुर्गा अष्टमी के व्रत और पूजन से प्रसन्न होकर मां दुर्गा नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करती हैं। जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, वैभव और शत्रुओं से मुक्ति दिलाती हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
मां दुर्गा (सौ.AI)
June Masik Durgashtami Vrat: मां दुर्गा की साधना के लिए मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन मनाई जाती है। इस बार ज्येष्ठ माह में 22 जून को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जा रही है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास में अधिकमास या पुरुषोत्तम मास का संयोग बना है।
इस महीने पड़ने वाले व्रत, त्योहार और पर्व धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जाते है। अधिकमास के पर्व का संयोग तीन वर्षों में एक बार बनता है, जिससे कि इसकी महत्ता काफी बढ़ जाती है। बता दें कि अधिकमास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहने वाला है।
मासिक दुर्गाष्टमी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस बार ज्येष्ठ माह में 22 जून को मासिक दुर्गाष्टमी मनाई जाएगी।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत- 21 जून को दोपहर 03 बजकर 20 मिनट पर।
ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का समापन- 22 जून को दोपहर 03 बजकर 39 मिनट पर।
सम्बंधित ख़बरें
Chaturmas 2026: चतुर्मास हुआ शुरू, जानें 4 महीने क्या करें और किन नियमों से बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा
Self-Doubt से लेकर Anxiety तक, हर मुश्किल में काम आएंगे मां दुर्गा के ये 5 चमत्कारी मंत्र, मिलेगा आत्मविश्वास
Parthiv Shivling: पार्थिव शिवलिंग की पूजा की महिमा क्या है? जानिए इसके विशेष नियम
Pradosh Vrat Rules: प्रदोष व्रत में भूल से भी न हो ये गलतियां, वरना होगा बड़ा नुकसान
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 04 मिनट से 04 बजकर 44 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 07 बजकर 21 मिनट से 07 बजकर 41 मिनट तक
रवि योग- सुबह 10 बजकर 22 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक
मासिक दुर्गा अष्टमी की महिमा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक दुर्गा अष्टमी के व्रत और पूजन से प्रसन्न होकर मां दुर्गा नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा करती हैं। जीवन में सुख, शांति, समृद्धि, वैभव और ऐश्वर्य आदि प्रदान करती हैं। शत्रुओं से मुक्ति दिलाती हैं।
ये भी पढ़ें-Parama Ekadashi: आज है पुरुषोत्तम मास की सबसे बड़ी ‘परमा एकादशी’, जानिए सही शुभ मुहूर्त और पारण का सटीक समय
मासिक दुर्गाष्टमी के व्रत नियम
- मासिक दुर्गाष्टमी के दिन सुबह जल्दी और उठकर स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें।
- मंदिर में बैठकर हाथ में जल और फूल लेकर व्रत का संकल्प लें।
- देसी घी का दीपक जलाएं और मां दुर्गा की आरती करें।
- फल और मिठाई समेत आदि चीजों का भोग लगाएं।
- इस दिन काले रंग के कपडे भूलकर भी न पहनें।
- सात्विक भोजन का सेवन करें।
- मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन दान करने से धन
- लाभ के योग बनते हैं जीवन में कोई कमी नहीं होती।
मासिक दुर्गाष्टमी के दिन भूलकर भी न करें ये काम
- मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन का सेवन भूलकर भी न करें।
- व्रत के दौरान किसी के बारे में गलत न सोचें और किसी से वाद-विवाद न करें।
- इस दिन बाल काटना, दाढ़ी बनाना या नाखून काटना वर्जित है।
- किसी से बातचीत के दौरान अपशब्द न बोलें।
