Maa Durga: मासिक दुर्गाष्टमी आज, इस ‘महामुहूर्त’ में करें मां दुर्गा की पूजा, हर अधूरी मनोकामना होगी पूरी
Maa Durga Ki Puja: मासिक दुर्गाष्टमी के दिन महामुहूर्त में विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करने पर भक्तों की अधूरी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। आइए जानते हैं पूजा का शुभ समय और इसका महत्व।
- Written By: सीमा कुमारी
मां दुर्गा (सौ.जैमिनी)
Masik Durgashtami Puja For Prosperity And Success:आज 22 जून को धूमावती जयंती के साथ मासिक दुर्गाष्टमी भी मनाई जा रही है। मां दुर्गा की पूजा पाठ के लिए मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत हर महीने शुक्ल पक्ष की अष्टमी के दिन मनाई जाती है। इस वर्ष ज्येष्ठ मास में अधिकमास या पुरुषोत्तम मास का संयोग बना है।
मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत से होता है शत्रुओं का नाश:
धार्मिक मान्यता है कि, मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत और मां आदिशक्ति का पूजन करने वालों पर माता की विशेष कृपा होती है। माता की कृपा से जीवन के सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं और धन-धान्य, सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यही नहीं मां दुर्गा के आशीर्वाद से शत्रुओं का नाश हो जाता है।
आज मासिक दुर्गा अष्टमी का शुभ मुहूर्त क्या रहने वाला है?
मासिक दुर्गाष्टमी पर आज मां दुर्गा की पूजा अभिजित मुहूर्त और संध्यामुहूर्त में की जा सकती है। आज अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 55 मिनट से शुरू होगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, पूजा का ये शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।
सम्बंधित ख़बरें
Ekadashi Vrat Katha: कामिका एकादशी पर जरूर पढ़ें ये पौराणिक कथा, बड़े से बड़ा पाप से मुक्ति की है मान्यता
कामिका एकादशी पर चुपचाप जप लें ये 5 शक्तिशाली मंत्र, श्रीहरि की कृपा से खुल सकते हैं बंद किस्मत के दरवाजे
सावन अमावस्या पर राशि अनुसार दान करें ये चीजें, पितरों की कृपा से खुल सकते हैं सुख-समृद्धि के द्वार
सावन में शिवलिंग पर जरूर चढ़ाएं ये खास इत्र, महादेव को है बेहद प्रिय; जानें इससे जुड़े रहस्यमयी लाभ
इसके अलावा, मां की पूजा का संध्या मुहूर्त शाम को 07 बजकर 22 मिनट पर शुरू होगा। ये शुभ मुहूर्त रात 08 बजकर 22 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा पूजा एक शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त में था, जोकि सुबह 04 बजकर 04 मिनट से शुरू होकर सुबह 04 बजकर 44 मिनट तक रहा।
मासिक दुर्गाष्टमी पूजा विधि
- धार्मिक मान्यता के अनुसार, दुर्गाष्टमी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा
- स्थान को साफ करके मां दुर्गा की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- माता को लाल चुनरी, लाल पुष्प और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
- घी का दीपक जलाएं और धूप, दीप, नैवेद्य तथा फल अर्पित करें ।
- दुर्गा चालीसा, दुर्गा सप्तशती या देवी मंत्रों का पाठ करें ।
- पूजा के बाद प्रसाद बांटें और माता का आशीर्वाद प्राप्त करें।
- इस दिन कुमारी पूजन का भी विशेष महत्व है।
- छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर उनका सम्मान और पूजन किया जाता है।
यह भी पढ़ें-Nag Panchami 2026: कब है नाग पंचमी? जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और नाग देवता की आराधना का महत्व
मासिक दुर्गाष्टमी व्रत करने के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत जीवन की अनेक बाधाओं और कठिनाइयों को दूर करने में सहायक माना जाता है। इस व्रत को करने से मां दुर्गा की कृपा से भक्तों को भय और संकटों से रक्षा प्राप्त होती है।
इसके अलावा, घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है। करियर, व्यापार और आर्थिक क्षेत्र में उन्नति के योग बनते है। मानसिक शक्ति, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है. साधक को मनोवांछित फल तथा देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
