पांडवों के पुत्रों की अनसुनी कहानी, जो महाभारत दे चुका है अपनी जान
Mahabharat Pandavas Son: महाभारत केवल एक युद्ध कथा नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और धर्म का आधार स्तंभ मानी जाती है। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आता है कि आखिर पाडंवों के कितने पुत्र थे।
- Written By: सिमरन सिंह
Pandavas in war (Source. Pinterest)
Pandav ke kitne Putra the aur unke Naam: महाभारत केवल एक युद्ध कथा नहीं, बल्कि भारतीय इतिहास, संस्कृति और धर्म का आधार स्तंभ मानी जाती है। इस महाकाव्य में पांडवों और कौरवों के बीच हुए भीषण युद्ध का विस्तृत वर्णन मिलता है। पांडव कुल के पांच भाई युधिष्ठिर, भीम, अर्जुन, नकुल और सहदेव धर्म, साहस और नीति के प्रतीक माने जाते हैं। आमतौर पर लोग पांडवों और उनके पराक्रमी पुत्र अभिमन्यु को ही जानते हैं, लेकिन बहुत कम लोग यह जानते हैं कि पांडवों के कुल 14 पुत्र थे। आइए विस्तार से जानते हैं पांडव भाइयों के सभी पुत्रों के नाम और उनसे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां।
युधिष्ठिर के पुत्र
- धर्मराज युधिष्ठिर का विवाह द्रौपदी के अलावा देविका से भी हुआ था।
- द्रौपदी से युधिष्ठिर के पुत्र का नाम प्रतिविंध्य था।
- देविका से युधिष्ठिर के दूसरे पुत्र का नाम यौधेय बताया जाता है।
भीम के पुत्र
- भीम अपनी अपार शक्ति और पराक्रम के लिए प्रसिद्ध थे।
- द्रौपदी से भीम के पुत्र का नाम सुतसोम था।
- राक्षसी हिडिंबा से भीम के पुत्र घटोत्कच हुए, जो महाभारत युद्ध के महान योद्धाओं में गिने जाते हैं।
- भीम की एक अन्य पत्नी वलंधरा से पुत्र का नाम सर्वग था।
अर्जुन के पुत्र
- अर्जुन के पुत्रों में सबसे अधिक वीर और प्रसिद्ध योद्धा हुए।
- द्रौपदी से अर्जुन के पुत्र का नाम श्रुतकर्म था।
- नागराज की पुत्री उलूपी से अर्जुन को इरावन नामक पुत्र प्राप्त हुआ।
- मणिपुर की राजकुमारी चित्रांगदा से अर्जुन के पुत्र बब्रुवाहन थे।
- सुभद्रा से अर्जुन के पुत्र अभिमन्यु हुए, जिन्होंने अल्प आयु में ही चक्रव्यूह भेदकर अद्भुत वीरता का परिचय दिया।
नकुल के पुत्र
- नकुल का द्रौपदी से पुत्र शतानीक था। महाभारत युद्ध में अश्वत्थामा द्वारा शतानीक का वध कर दिया गया था, जो एक अत्यंत दुखद घटना मानी जाती है।
- नकुल की दूसरी पत्नी करेणुमती थीं, जिनसे उन्हें निरमित्र नामक पुत्र हुआ।
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सहदेव के पुत्र
- सहदेव और द्रौपदी के पुत्र का नाम श्रुतसेन था।
- सहदेव की दूसरी पत्नी विजया, जिनसे उन्हें क्रमश: श्रुतकर्मा और सुहोत्र नामक पुत्रों की प्राप्ति हुई थी।
कुल मिलाकर पांडवों के 14 पुत्र
इस प्रकार पांडव भाइयों के अलग-अलग विवाहों से कुल 14 पुत्र हुए, जिनमें से कई ने महाभारत युद्ध में वीरगति प्राप्त की। इन सभी पुत्रों का उल्लेख विभिन्न पुराणों और महाभारत के अलग-अलग प्रसंगों में मिलता है।
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Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी और धार्मिक ग्रंथों व मान्यताओं पर आधारित है।
