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अगर चाहते हैं शिव जैसा वेलेंटाइन, तो महाशिवरात्रि पर ऐसे करें पूजा, शास्त्रों में लिखा है पूरा विधान

Mahashivratri 2026:यदि आप भी अपने सपनों के हमसफर को पाने की कामना रखते हैं, तो इस महाशिवरात्रि पर की गई विशेष पूजा आपकी किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकती है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Feb 10, 2026 | 10:08 PM

शिव और माता पार्वती पूजा (सौ.सोशल मीडिया)

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Shiva Worship For Ideal Husband: महाशिवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पावन पर्वों में से एक है। यह शुभ एवं पावन तिथि देवों के देव भगवान शिव और माता पार्वती के मिलन का उत्सव होता है। इस दिन भक्तगण श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ व्रत रखते हैं, पूजा करते हैं और शिवजी के आराधन में लीन रहते हैं।

महाशिवरात्रि सिर्फ व्रत या उपवास का पर्व नहीं है, बल्कि यह शिव और शक्ति के अटूट प्रेम का प्रतीक भी है। शास्त्रों में इसे सच्चे साथी और पति प्राप्ति का शुभ समय माना गया है। यदि आप चाहते हैं कि आपके जीवन में महादेव जैसा समर्पित, दयालु और आदर्श जीवनसाथी आए, तो इस दिन की पूजा आपके लिए बेहद शुभ मानी जाती है।

शिव जैसा वेलेंटाइन तो महाशिवरात्रि पर ऐसे करें पूजा

शुद्धता और स्नान अनिवार्य

पूजा से पहले शुद्ध स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। कमरे में दीपक और धूपबत्ती जलाएं। शास्त्रों में कहा गया है कि शुद्ध हृदय और मन से ही शिवभक्ति फलदायी होती है।

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शिवलिंग पर गंगा जल, दूध और घी चढ़ाना अनिवार्य है। इसके साथ तीन पत्तों वाला बिल्वपत्र अर्पित करें। पुराणों के अनुसार, बिल्वपत्र शिवजी को प्रिय है। इसे अर्पित करने से संपर्कों में स्थिरता, प्रेम और भक्ति बढ़ती है।

भोलेनाथ को जल और बिल्वपत्र अर्पित करें

  • शिवलिंग पर गंगा जल, दूध और घी चढ़ाना अनिवार्य है।
  • साथ में तीन पत्तों वाला बिल्वपत्र अर्पित करें।
  • पुराणों के अनुसार, बिल्वपत्र शिवजी को प्रिय है और इसे अर्पित करने से संपर्कों में स्थिरता और प्रेम बढ़ता है।

यह भी पढ़ें:-किन लोगों को नहीं रखना चाहिए महाशिवरात्रि व्रत? जानिए बिना व्रत कैसे पाएं महादेव की कृपा

रुद्राभिषेक और मंत्र जप

  • रुद्राभिषेक में जल, दूध, घी और दही मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करें।
  • इस दौरान कम से कम 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप करें।
  • शास्त्रों के अनुसार, यह विधि पति के रूप में आदर्श और समर्पित साथी पाने में अत्यंत प्रभावशाली है।

माता पार्वती की तपस्या से प्रेरणा

  • शिवपुराण में उल्लेख है कि माता पार्वती ने स्वयं तपस्या कर भोलेनाथ को प्राप्त किया।
  • उनकी तपस्या और समर्पण दर्शाता है कि सच्ची भक्ति और मनोयोग से ही श्रेष्ठ जीवनसाथी प्राप्त होता है।
  • पूजा के दौरान अपनी भक्ति और निष्ठा को पूर्ण रूप से व्यक्त करें।

दान और सेवा का महत्व

महाशिवरात्रि पर दान और सेवा करना भी शुभ माना गया है।

गरीबों को भोजन देना, शिवालय में दीपदान करना या जरुरतमंदों की सेवा करना संपर्कों में स्थायित्व और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।

Mahashivratri 2026 worship shiva for ideal life partner

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Published On: Feb 10, 2026 | 10:08 PM

Topics:  

  • Lord Shiva
  • Mahashivratri
  • Religion

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