सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत कल, इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, जानिए इसकी महिमा
इस बार सावन माह का दूसरा मंगला गौरी का व्रत कल 22 जुलाई, 2025 को रखा जाएगा। सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत बहुत ही शुभ बताया जा रहा हैं। ज्योतिषयों की मानें तो, इस दिन कई पर्व, वार का संयोग बन रहा हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
सावन 2025 दूसरा मंगला गौरी व्रत (सौ.सोशल मीडिया)
Mangala Gauri Vrat 2025 : सावन महीने में पड़ने वाले हर मंगलवार का अपना अलग ही महत्व होता है। क्योंकि यह दिन मां पार्वती की पूजा अर्चना के लिए समर्पित है। जिसे मंगला गौरी का व्रत के नाम से जाना जाता है। इस बार सावन माह का दूसरा मंगला गौरी का व्रत कल 22 जुलाई, 2025 को रखा जाएगा। सावन का दूसरा मंगला गौरी व्रत बहुत ही शुभ बताया जा रहा हैं। ज्योतिषयों की मानें तो, इस दिन कई पर्व, वार का संयोग बन रहा हैं।
बता दें, मंगला गौरी का व्रत मंगलवार के दिन पड़ रहा है जो हनुमान जी का दिन है, साथ ही इस दिन कामिका एकादशी व्रत का पारण किया जाएगा।
साथ ही, सावन माह का पहला प्रदोष व्रत भी 22 जुलाई को रखा जाएगा। इस प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। आइए जानते है सावन माह का दूसरा मंगला गौरी व्रत की तिथि,शुभ मुहूर्त और महत्व
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सावन 2025 दूसरा मंगला गौरी व्रत
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, सावन के दूसरे मंगला गौरी व्रत के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:14 मिनट से लेकर 04:56 तक रहेगा. यह समय स्नान के लिए श्रेष्ठ है। दिन का शुभ समय यानि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:55 तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02:44 से दोपहर 03:39 तक रहेगा।
कैसे करें मंगला गौरी की पूजा
- सबसे पहले सावन में मंगलवार के दिन प्रातः जल्दी उठें और स्नानादि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
- फिर एक साफ लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का वस्त्र बिछाएं और उसपर मां गौरी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।
- फिर मां मंगला गौरी के समक्ष व्रत का संकल्प करें और आटे से बना हुआ दीपक जलाएं।
- इसके बाद धूप, नैवेद्य, फल-फूल आदि से मां मंगला गौरी की पूजा करें।
- पूजा संपन्न होने के बाद मां गौरी की आरती करें और उनसे सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
मंगला गौरी व्रत का क्या है महत्व
सुहागन महिलाओं के लिए मंगला गौरी व्रत विशेष महत्व रखता हैं। यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने सुहाग की लंबी आयु के लिए रखती हैं। वहीं कुंवारी कन्याएं भी शीघ्र विवाह की कामना के साथ मंगला गौरी व्रत रखती हैं।
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साथ ही मान्यता है कि मंगला गौरी का व्रत रखने से कुंडली में मंगल दोष दूर होता है। वहीं यदि किसी जातक के दांपत्य जीवन में समस्याएं बनी हुई हैं, तो उन्हें मंगला गौरी व्रत जरूर करना चाहिए। इससे दांपत्य जीवन की सभी समस्याएं दूर होती हैं।
