गुरुवार से शुरू आषाढ़ का महीना, इस महीने भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना करना पड़ सकता है संकटों का सामना
कल 12 जून, गुरुवार से आषाढ़ महीने की शुरूआत हो रही है। इस माह में पड़ने वाली देवश्यनी एकादशी के बाद भगवान विष्णु 4 माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और इस दौरान शुभ कार्य करने पर रोक लग जाती है।
- Written By: सीमा कुमारी
आषाढ़ माह (सौ.सोशल मीडिया)
कल 12 जून, गुरुवार से आषाढ़ महीने की शुरूआत हो रही है। धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से यह महीना हिंदू श्रद्धालुओं के लिए बड़ा महत्व रखता है। चूंकि यह महीना जगत के पालनहार भगवान विष्णु और सूर्य देव की आराधान के लिए सबसे शुभ एवं उत्तम माह माना जाता है।
हिन्दू मान्यता के अनुसार, इस माह में पड़ने वाली देवश्यनी एकादशी के बाद भगवान विष्णु 4 माह के लिए योग निद्रा में चले जाते हैं और इस दौरान शुभ कार्य करने पर रोक लग जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं आषाढ़ माह में क्या करें और क्या नहीं करें।
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आषाढ़ माह में क्या करना शुभ
- आषाढ़ माह में शिव जी पूजा करने का विशेष महत्व है। इस माह में भोलेनाथ के साथ विष्णु जी और सूर्य की आराधना करनी चाहिए।
- आषाढ़ माह में रोज नियम से सूर्य देव अर्घ्य दें।
- इस माह में धार्मिक यात्रा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।
- आषाढ़ माह में दान देने का विशेष महत्व है इस माह में छाता, पानी से भरे घड़ा, खरबूजा, तरबूज,नमक, आंवले का दान करें।
- आषाढ़ माह में तुलसी में जल में थोड़ा दूध मिलाने से घर में बरकत होती है। ऐसा माना जाता है इससे पैसों की तंगी कभी नहीं आती है।
आषाढ़ माह में क्या करना अशुभ
- आषाढ़ माह में पड़ने वाली देवश्यनी एकादशी के बाद चातुर्मास आरंभ हो जाता है, जिसमें शुभ और मांगलिक कार्य करने पर रोक लग जाती है, इसीलिए इन कार्यों को नहीं करना चाहिए।
- इस माह में विवाह, गृहप्रवेष, मुंडन जैसे कार्य करना वर्जित होता है।
आषाढ़ माह में मांस, मदिरा और तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
साल 2025 कब शुरू आषाढ़ माह
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, आषाढ़ माह 12 जून 2025 से शुरू हो रहा है। किसानों के लिए ये महीना बहुत महत्व रखता है, दरअसल खरीफ फसलों की बुवाई के लिए ये महीना अति महत्वपूर्ण है। इस माह की समाप्ति 10 जुलाई को होगी। इस दिन के बाद सावन महीना शुरू हो जाएगा।
