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कब है शीतला अष्टमी? जानिए आखिर इस दिन क्यों नहीं जलाते हैं चूल्हा

Shitla Ashtami Significance: शीतला अष्टमी 2026 इस साल 11 मार्च को है। इस दिन देवी शीतला की पूजा और बसौड़ा व्रत का विशेष महत्व होता है। व्रत में बासी भोजन माता को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Mar 05, 2026 | 08:18 PM

माता शीतला(सौ.AI)

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Shitla Ashtami 2026: माता शीतला को समर्पित ‘शीतला अष्टमी’ का व्रत हर साल होली के आठ दिनों के मनाया जाता है यानी चैत्र मास के कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि पर रखा जाता है। जिसे बसौड़ा भी कहते है। इस व्रत में शीतला माता को बासी भोजन अर्पित किया जाता है।

धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि, माता शीतला की पूजा करने व व्रत रखने से सौभाग्य और आरोग्य दोनों की प्राप्ति होती है। यह परंपरा सदियों से ही चली आ रही है। जिसका सनातन धर्म में अलग ही महत्व है। शीतला अष्टमी पर माता को आखिर बासी खाने का भोग क्यों लगाया जाता है? इस पावन व्रत की विधि, इससे जुड़े नियम और इसका धार्मिक महत्व को आइए विस्तार से जानते हैं-

कब है इस साल शीतला अष्टमी

इस साल शीतला अष्टमी (बसोड़ा पूजा) 2026 का व्रत इस प्रकार रहेगा:

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तिथि: चैत्र मास कृष्णपक्ष की अष्टमी

  • दिनांक: 11 मार्च 2026, बुधवार
  • तिथि प्रारंभ: 11 मार्च 2026, पूर्वाह्न 01:54 बजे
  • तिथि समाप्त: 12 मार्च 2026, भोर 04:19 बजे
  • पूजा का शुभ मुहूर्त: प्रात: 06:36 बजे से सायंकाल 06:27 बजे तक

शीतला अष्टमी को बसौड़ा क्यों कहते है?

शीतला अष्टमी को बसौड़ा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इस दिन माता शीतला को एक दिन पहले यानि सप्तमी को बना बासी खाना भोग के रूप में लगाया जाता है। ‘बसौड़ा’ का अर्थ ही ‘बासी’ या ‘बासी भोजन’ होता है। इस दिन घरों में ताजा भोजन नहीं बनता और ना ही चूल्हा जलाया जाता है, जिससे माता प्रसन्न होकर निरोग रहने का आशीर्वाद देती हैं।

बसौड़ा कहने के प्रमुख कारण

  • बासी भोजन का भोग

इस त्यौहार पर शीतला माता को बासी (ठंडा) भोजन (जैसे- राबड़ी, हलवा, पुआ) अर्पित करने की परंपरा है।

  • चूल्हा न जलाना

मान्यतानुसार, इस दिन घर में आग नहीं जलाई जाती, इसलिए एक दिन पहले ही पकवान तैयार कर लिए जाते हैं।

यह भी पढ़ें:-किस दिन है 2026 की रंग पंचमी? यहां से नोट कीजिए सटीक तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

  • वैज्ञानिक और स्वास्थ्य कारण

यह त्योहार सर्दी के खत्म होने और गर्मी के शुरू होने के संधिकाल (महीने के बदलाव) में आता है, जब बासी खाना (जैसे दही, चावल) स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है।

मान्यता है कि माता को गरम खाना खिलाने से उनका मुंह जल गया था, जिससे नाराज होकर उन्होंने गांव में आग लगा दी थी, लेकिन एक बुजुर्ग महिला, जिसने उन्हें बासी ठंडा खाना दिया था, उसे माफ कर दिया।

Shitla ashtami 2026 date puja basoda importance

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Published On: Mar 05, 2026 | 08:18 PM

Topics:  

  • Religion News
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