
शमी के पौधे (सौ.सोशल मीडिया)
Vastu Tips For Shami Plant: वास्तु शास्त्र और हिंदू धर्म में जिस प्रकार तुलसी के पौधे को पूजनीय एवं पवित्र माना गया है, ठीक उसी तरह शमी का पौधा भी अत्यंत शुभ माना जाता है। विशेष रूप से शनिदेव को प्रसन्न करने और शनि दोष से मुक्ति पाने के लिए शमी की पूजा का खास महत्व है।
लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार शमी के पौधा तभी शुभ फल देता है जब यह सही दिशा में लगा हो और सही तरह इसका पूजन किया जाए। शमी की पूजा शनिवार के दिन की जाती है, ऐसे में यदि इस पौधे में एक विशेष चीज बांध दी जाए तो शनिदेव प्रसन्न होकर अपनी कृपा बरसाते हैं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, शमी का पौधा कभी घर के भीतर नहीं रखना चाहिए। इस पौधे के हमेशा घर के बाहर यानि मुख्य द्वार के पास रखा जाता है।
ध्यान रखें कि मुख्य द्वार पर ऐसे रखें कि जब आप घर से बाहर निकलें तो शमी का पौधा आपके दाएं ओर पड़े। यदि मुख्य द्वार पर पौधा रखने की जगह नहीं है तो शमी का पौध घर की छत पर भी रखा जा सकता है और इसे छत पर उत्तर-पूर्व दिशा में रखें।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, शमी के पौधे की पूजा के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है। यह दिन शनिदेव को समर्पित होता है। मान्यता है कि शनिवार की शाम शमी के पौधे में सरसों के तेल का दीपक जलाने से शनि दोष के प्रभाव कम होने लगते हैं।
यह भी पढ़ें:- शादी नहीं हो रही है तो क्या करें? महाशिवरात्रि के दिन कर लें ये अचूक उपाय, बन जाएगा योग!
इसके साथ ही, यदि शनिवार के दिन शमी के पौधे की टहनी में लाल रंग का कलावा बांध दिया जाए, तो यह बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि और शांति आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शमी में कलावा बांधने से कुंडली में राहु की स्थिति मजबूत होती है और जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
जिस तरह तुलसी का रोज पूजन किया जाता है, उसी तरह शमी के पौधे का भी नियमित पूजन करना चाहिए। रोज शाम को इसमें दीपक जलाने से घर में आ रही समस्याएं दूर होती हैं और शनिदेव की कृपा बनी रहती है।






