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कर्ण की मौत पर रोया था शकुनि या मनाया जश्न? महाभारत का सच जो नहीं बताया जाता

Karna Death Story: महाभारत के युद्ध में कर्ण की मृत्यु एक बेहद महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। लेकिन इस घटना से जुड़ा एक सवाल आज भी लोगों के मन में उठता है क्या कर्ण की मौत पर शकुनि दुखी हुआ था या खुश?

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Apr 03, 2026 | 06:26 PM

Shakuni And Karna (Source. Pinterest)

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Mahabharat Story: महाभारत के युद्ध में कर्ण की मृत्यु एक बेहद महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। लेकिन इस घटना से जुड़ा एक सवाल आज भी लोगों के मन में उठता है क्या कर्ण की मौत पर शकुनि दुखी हुआ था या खुश? इस प्रश्न के अलग-अलग ग्रंथों और परंपराओं में दो अलग-अलग जवाब मिलते हैं।

व्यास महाभारत के अनुसार: शकुनि हुआ था भावुक

महर्षि व्यास द्वारा रचित महाभारत के अनुसार, कर्ण की मृत्यु ने शकुनि को अंदर से झकझोर दिया था। कहा जाता है कि कर्ण दुर्योधन की सबसे मजबूत ढाल था और उसकी मौत के बाद कौरवों की हार लगभग तय हो गई थी।

कर्ण के निर्जीव शरीर को देखकर शकुनि शोक में डूब गया और उसने अपनी गलतियों के लिए पश्चाताप भी किया। उसने कर्ण से मन ही मन माफी मांगी, क्योंकि उसने जीवन भर उसकी निष्ठा पर सवाल उठाए और उसका मजाक उड़ाया था।

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अन्य संस्करणों में अलग तस्वीर

महाभारत के कुछ अन्य संस्करणों जैसे कन्नड़ ग्रंथ विक्रमार्जुन विजया और जैन परंपराओं में शकुनि की छवि अलग दिखाई देती है। इन कथाओं के अनुसार, जब भी कौरव पक्ष का कोई योद्धा या सहयोगी मारा जाता था, तो शकुनि को भीतर ही भीतर संतोष होता था। इसका कारण उसके जीवन की एक दर्दनाक कहानी से जुड़ा हुआ है, जो उसके बदले की भावना को दर्शाता है।

शकुनि की प्रतिशोध की कहानी

कहा जाता है कि शकुनि की बहन गांधारी का विवाह धृतराष्ट्र से हुआ था, जो जन्म से नेत्रहीन थे। इस विवाह से शकुनि खुश नहीं था। कुछ मान्यताओं के अनुसार, गांधारी का पहले एक बकरी से विवाह कराया गया था, जिससे वह तकनीकी रूप से विधवा हो चुकी थीं।

जब यह बात धृतराष्ट्र को पता चली, तो उन्होंने गांधार पर हमला कर दिया और राजा सुबाला सहित उनके सौ पुत्रों को कैद कर लिया। उन्हें रोज केवल एक मुट्ठी चावल दिया जाता था। तब सुबाला ने निर्णय लिया कि शकुनि ही जीवित रहेगा और बदला लेगा।

ये भी पढ़े: महाभारत में हनुमान को कौन दे सकता था टक्कर? जानें किस महारथी का नाम है शामिल

कौरव वंश के विनाश की कसम

परिवार की मौत के बाद शकुनि को रिहा किया गया और उसने कसम खाई कि वह पूरे कौरव वंश का नाश करेगा। उसने दुर्योधन को उकसाकर पांडवों के खिलाफ युद्ध करवाया, जिससे अंततः कौरवों का विनाश हुआ। कहा जाता है कि शकुनि पहले से जानता था कि कौरव यह युद्ध हारेंगे, लेकिन उसने अपने बदले के लिए खुद को भी बलिदान कर दिया।

ध्यान दें

महाभारत की कथा में शकुनि का चरित्र बेहद जटिल और रहस्यमयी है। एक तरफ वह कर्ण की मौत पर दुखी नजर आता है, तो दूसरी ओर बदले की आग में जलता हुआ दिखाई देता है। यही कारण है कि उसकी कहानी आज भी लोगों को सोचने पर मजबूर कर देती है।

Shakuni weep over karnas death untold truth of the mahabharata

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Published On: Apr 03, 2026 | 06:26 PM

Topics:  

  • Mahabharat
  • Religion News
  • Sanatana Dharma

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