- Hindi News »
- Religion »
- Biggest Mystery Of Mahabharata Kauravas Had 100 Brothers Was Duryodhana The Most Stubborn In The War
महाभारत का बड़ा रहस्य: कौरवों के 100 भाई थे, फिर भी युद्ध में सिर्फ दुर्योधन ही क्यों दिखा सबसे जिद्दी?
Mahabharata की कथा में एक सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है जब कौरवों के 100 भाई थे, तो फिर युद्ध और इतिहास में सबसे ज्यादा चर्चा दुर्योधन की ही क्यों होती है? बाकी 99 भाई आखिर कहाँ थे।
- Written By: सिमरन सिंह

Mahabharat (Source. Pinterest)
100 Brothers Of Kauravas: महाभारत की कथा में एक सवाल अक्सर लोगों के मन में उठता है जब कौरवों के 100 भाई थे, तो फिर युद्ध और इतिहास में सबसे ज्यादा चर्चा दुर्योधन की ही क्यों होती है? बाकी 99 भाई आखिर कहाँ थे और उन्होंने दुर्योधन का विरोध क्यों नहीं किया? इस सवाल का जवाब उस समय की परिवार व्यवस्था और परंपराओं में छिपा हुआ माना जाता है।
प्राचीन समय में बड़े भाई का था सबसे ज्यादा महत्व
पुराने समय में परिवार और समाज में बड़े पुत्र को विशेष स्थान दिया जाता था। उसे परिवार का मार्गदर्शक और जिम्मेदार व्यक्ति माना जाता था। अक्सर छोटे भाई-बहनों को उसकी आज्ञा मानने के लिए प्रेरित किया जाता था। परिवार के निर्णयों में बड़े भाई की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण होती थी कि कई बार पिता भी बड़े बेटे को भाई के समान सम्मान देते थे। यही कारण था कि छोटे भाई अक्सर उसके फैसलों का विरोध नहीं करते थे और उसी के अनुसार काम करते थे।
युवराज बनने से बदल जाती थी परवरिश
राजघरानों में जिस पुत्र को युवराज घोषित किया जाता था, उसकी परवरिश अन्य भाइयों से अलग तरीके से होती थी। उसे बचपन से ही नेतृत्व, निर्णय और सत्ता की जिम्मेदारी के लिए तैयार किया जाता था। दुर्योधन को भी भविष्य का राजा मानकर उसी प्रकार की शिक्षा और प्रशिक्षण दिया गया था। इसलिए उसके भाई उसे नेता मानते थे और उसकी बातों का विरोध करने से बचते थे। यही वजह थी कि कौरवों के बाकी भाई एक सूत्र में बंधे हुए दिखाई देते थे और दुर्योधन के खिलाफ खुलकर खड़े नहीं हुए।
सम्बंधित ख़बरें
Number 8 Numerology : 8, 17, 26 तारीख़ को जन्में लोग कैसे होते हैं? जानिए उनके जीवन की खासियतें
Skand Shashthi Pooja Upay:स्कंद षष्ठी के दिन क्या उपाय करने से बदल सकती है किस्मत, यहां जानिए ज्योतिष उपाय
Ganga Snan : गंगा स्नान करने से क्या सही में मिट जाते हैं पाप? जानिए क्या कहता है धर्मशास्त्र
सात्विक जीवन अपनाओ प्रेमानंद महाराज की ये बातें बदल देंगी किस्मत
युयुत्सु था दुर्योधन का अपवाद
हालांकि कौरवों में एक ऐसा भी भाई था जिसने दुर्योधन का विरोध किया। उसका नाम युयुत्सु था, जो धृतराष्ट्र का सौतेला पुत्र माना जाता है। महाभारत युद्ध की शुरुआत में ही उसने कौरवों का साथ छोड़कर पांडवों की ओर से युद्ध लड़ने का फैसला किया। इसी कारण उसे अलग पहचान मिली, वरना वह भी केवल कौरवों में गिना जाता।
धृतराष्ट्र और गांधारी की भूमिका
महाभारत की कथा में कई विद्वान मानते हैं कि दुर्योधन के स्वभाव के पीछे धृतराष्ट्र और गांधारी की परवरिश भी एक कारण थी। धृतराष्ट्र स्वयं को हमेशा सिंहासन का असली हकदार मानते थे। इसी सोच के कारण वे दुर्योधन को यह समझाने में असफल रहे कि पांडवों का भी राज्य पर अधिकार है। वहीं गांधारी ने पति के प्रति समर्पण दिखाने के लिए अपनी आँखों पर पट्टी बांध ली, जिसके कारण वे पुत्रों के जीवन में सक्रिय मार्गदर्शन नहीं दे सकीं।
ये भी पढ़े: रामायण-महाभारत के पात्रों के नाम के साथ उपनाम क्यों नहीं होते? जानिए इसके पीछे की दिलचस्प वजह
क्यों नहीं हुआ भाइयों का विरोध
उस दौर में परिवारों में अक्सर एक व्यक्ति के नेतृत्व को स्वीकार करना आदर्श व्यवस्था माना जाता था। ठीक उसी तरह जैसे पांडवों में सभी भाई युधिष्ठिर के निर्णयों का पालन करते थे। इसलिए कौरवों के बाकी भाई भी दुर्योधन के साथ खड़े रहे चाहे उसके निर्णय सही हों या गलत।
महाभारत से मिलने वाला सबक
महाभारत केवल युद्ध की कहानी नहीं, बल्कि परिवार, सत्ता और निर्णयों के परिणाम की भी सीख देता है। यदि समय पर सही मार्गदर्शन मिलता, तो शायद इतिहास की यह सबसे बड़ी लड़ाई टल सकती थी।
Biggest mystery of mahabharata kauravas had 100 brothers was duryodhana the most stubborn in the war
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
चुनाव से ठीक पहले धधक उठा बंगाल, दांतन में उपद्रवियों ने मचाया तांडव, भाजपा प्रत्याशी पर जानलेवा हमला
Apr 22, 2026 | 10:57 AMभारत बना टेक एक्सपोर्टर, अब दुनिया खरीदेगी देसी 5G, देश के लिए गर्व की बात
Apr 22, 2026 | 10:56 AMTrump की तुनकमिजाजी से अमेरिकी नागरिक हुए परेशान, ईरान युद्ध और पोप से विवाद के बाद गिरी रेटिंग
Apr 22, 2026 | 10:54 AMक्रिकेट में बिश्नोई गैंग की एंट्री? टी-20 वर्ल्ड कप मैच फिक्सिंग मामले में आईसीसी की जांच
Apr 22, 2026 | 10:49 AMIran में सत्ता परिवर्तन: IRGC ने राष्ट्रपति को किनारे किया, खामेनेई की सुरक्षा बढ़ाई गई
Apr 22, 2026 | 10:36 AMमुंब्रा पार्षद सहर शेख का ‘मराठी’ बोलने से इनकार; फर्जी सर्टिफिकेट विवाद के बीच भाषा पर छिड़ा नया संग्राम
Apr 22, 2026 | 10:33 AM8550mAh बैटरी वाला Redmi K90 Max लॉन्च, पावरफुल फोन में चार्जिंग की टेंशन खत्म
Apr 22, 2026 | 10:21 AMवीडियो गैलरी

अखिलेश यादव ने कांग्रेस से मिलाया हाथ! हरियाणा में ये क्या बोल गए सपा प्रमुख, 2027 चुनाव के लिए कर दिया ऐलान
Apr 21, 2026 | 09:52 PM
सावधान! पाकिस्तान से आई इस क्रीम ने उड़ाई रातों की नींद, इंस्टेंट ग्लो के चक्कर में किडनी हो रही फेल, VIDEO
Apr 21, 2026 | 04:21 PM
ड्रेस कोड या खास रणनीति? लेंसकार्ट विवाद पर भड़कीं नाजिया इलाही खान, कंपनी पर लगाए धार्मिक भेदभाव के आरोप
Apr 21, 2026 | 02:20 PM
मजदूरी मांगने पर ईंट भट्ठा मालिक की हैवानियत, मजदूर को बेरहमी से पीटने के बाद समझौते का बनाया दबाव
Apr 20, 2026 | 11:41 PM
‘भारत की आस्था को दुनिया की कोई भी ताकत डिगा नहीं पाई..,’ योगी आदित्यनाथ ने सनातन आस्था को बताया शाश्वत
Apr 20, 2026 | 11:10 PM
पटना में महिला आरक्षण को लेकर NDA कार्यकर्ताओं का आक्रोश, विपक्ष पर जमकर गरजी महिलाएं
Apr 20, 2026 | 10:33 PM














