घर में रामायण पढ़ते समय ये कांड क्यों छोड़ देते हैं लोग? जानिए क्या है वजह
Ramayan Uttar Kand: घरों में रामायण का पाठ श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रामायण का एक ऐसा कांड भी है, जिसे कई लोग घर में पढ़ने से बचते हैं?
- Written By: सिमरन सिंह
Ramayan (Source. Pinterest)
Ramcharitmanas: भारत के अधिकांश घरों में रामायण का पाठ श्रद्धा और भक्ति के साथ किया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि रामायण का एक ऐसा कांड भी है, जिसे कई लोग घर में पढ़ने से बचते हैं? यह कांड है उत्तरकांड, जिसे लेकर वर्षों से अलग-अलग मान्यताएं चली आ रही हैं। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, जब लोग घर में रामायण का पाठ करते हैं, तो वे अक्सर इस कांड को छोड़ देते हैं या फिर केवल संदर्भ के तौर पर पढ़ते हैं।
क्या उत्तरकांड मूल रामायण का हिस्सा नहीं?
कई विद्वानों का मानना है कि महर्षि वाल्मीकि द्वारा रचित रामायण का मूल समापन लंकाकांड पर ही हो जाता है। इस कांड में भगवान राम के अयोध्या लौटने और उनके राज्याभिषेक का विस्तार से वर्णन मिलता है।
इसके बाद आने वाला उत्तरकांड बाद में जोड़ा गया माना जाता है। इसमें भगवान राम के जीवन के अंतिम चरण की घटनाएं शामिल हैं, जैसे सीता का वनवास, लव-कुश का जन्म और राम का महाप्रयाण। यही कारण है कि कुछ लोग इसे मूल कथा से अलग मानते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Nirjala Ekadashi: क्या निर्जला एकादशी से शुरू कर सकते हैं एकादशी व्रत की शुरुआत? यहां जानिए पूरी विधि-विधान
Ganga Dussehra: आज गंगा दशहरा पर बन रहा है दुर्लभ संयोग, इस शुभ मुहूर्त में एक छोटा सा दान और सारे दुख दूर
Ganga Dussehra 2026: गंगा दशहरा पर इन घाटों की रौनक देख हो जाएंगे मंत्रमुग्ध, जानें कहां हैं ये घाट
Fitkari Upay : आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपैया हो, तो घर के इन जगहों में रख दें फिटकरी, फिर देखिए बैंक बैलेंस
दुखद घटनाओं की वजह से नहीं पढ़ा जाता
उत्तरकांड का एक बड़ा कारण इसका भावनात्मक और दुखद स्वरूप है। इस कांड में माता सीता के त्याग और उनके धरती में समा जाने जैसी घटनाओं का वर्णन मिलता है। मान्यता है कि घर में इन घटनाओं का पाठ करना शुभ नहीं माना जाता, क्योंकि यह शोक, वियोग और कष्ट से जुड़ा हुआ है। इसलिए कई परिवार इस कांड को पढ़ने से परहेज करते हैं, ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
रामचरितमानस में भी नहीं मिलता विस्तार
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित रामचरितमानस में कुल सात कांड जरूर हैं, लेकिन इसमें उत्तरकांड की घटनाओं को उस तरह विस्तार से नहीं बताया गया है, जैसे वाल्मीकि रामायण में मिलता है। रामचरितमानस का मुख्य फोकस भगवान राम के आदर्श जीवन, उनके धर्म और मर्यादा पर होता है। इसमें राम के राज्याभिषेक के साथ ही कथा का भावनात्मक समापन हो जाता है।
ये भी पढ़े: श्री प्रेमानंद जी महराज ने बताया प्रेम में डूबे भक्त की हालत कैसी होती है? जानिए ऐसा रहस्य, जो जीवन बदल देगा
क्या सच में नहीं पढ़ना चाहिए उत्तरकांड?
धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार, यह पूरी तरह व्यक्ति की आस्था पर निर्भर करता है। कुछ लोग इसे पढ़ना शुभ नहीं मानते, जबकि कुछ लोग इसे रामायण का महत्वपूर्ण हिस्सा मानकर पढ़ते हैं।
ध्यान दें
रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की प्रेरणा है। उत्तरकांड को लेकर अलग-अलग मान्यताएं जरूर हैं, लेकिन इसका महत्व भी कम नहीं है। फिर भी, घरों में शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए कई लोग इस कांड से दूरी बनाकर रखते हैं।
