छठ पूजा की संपूर्ण सामग्री लिस्ट नोट कीजिए, कहीं अधूरी न रह जाए आपकी पूजा

Chhath Puja: हर साल नहाय खाय के साथ छठ पूजा शुरू हो जाता है। अगर आप भी छठ पूजा का व्रत कर रही हैं तो खरना से पहले पूरी पूजा सामग्री लिस्ट जरूर चेक कर लें। इन चीजों के बिना छठ पूजा अधूरी मानी जाती है।
छठ पूजा की संपूर्ण सामग्री लिस्ट नोट कीजिए, कहीं अधूरी न रह जाए आपकी पूजा
ये है लोक आस्था महापर्व छठ पूजा सामग्री लिस्ट (सौ.सोशल मीडिया)
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Chhath Puja Samagri List: हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से नहाय-खाय से चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा की शुरुआत हो जाती है। इस बार छठ पूजा 25 अक्टूबर से शुरू होकर 28 तक अक्टूबर रहने वाली है। इस महापर्व की धूम बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के अलावा देश के अन्य हिस्सों में देखने लायक होती है। खासकर उन जगहों पर जहां बड़ी संख्या में बिहारी और उत्तर भारतीय समुदाय रहते हैं।

आपको जानकारी के लिए बता दें, छठ पूजा हिन्दू धर्म के सबसे कठिन व्रतों में से एक हैं। इस महापर्व के दौरान छठ व्रती आमतौर पर 36 घंटे का कठोर निर्जला व्रत रखते हैं, जिसमें पानी और भोजन दोनों का त्याग किया जाता है। यह व्रत खरना के दिन शुरू होता है और उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद ही पारण किया जाता है।

आपको बता दें, इस दौरान खास रौनक देखने को मिलती है। छठ पूजा की थाली में विशेष चीजों को शामिल करना चाहिए। इससे पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

ये है लोक आस्था महापर्व छठ पूजा सामग्री लिस्ट

पीतल का पात्र फल सुपारी चावल सिंदूर फूल एक थाली पान गाय का घी शहद धूप शकरकंदी सुथनी गुड़ सूप बड़ा वाला नींबू पानी वाला नारियल मिठाईयां गुड़ अरवा का चाल गंगा जल बांस की दो बड़ी टोकरियां पीतल का एक लोटा ठेकुआ का भोग गेहूं, चावल का आटा साधक के लिए नए कपड़े 5 पत्तियां लगे हुए गन्ने मूली, अदरक और हल्दी का हरा पौधा

छठ पूजा में इन नियमों का करें पालन

  • छठ पूजा के दौरान व्रत रखने वाले व्रती को पलंग या तखत पर नहीं सोना चाहिए।
  • वह जमीन पर चादर बिछाकर सो सकता है।
  • इस पर्व के चार दिन तक व्रती को नए वस्त्र धारण करने चाहिए।
  • इसके अलावा मांस और मदिर का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए।
  • ऐसा करने से जातक को छठी मैया की नाराजगी का सामना करना पड़ सकता है।
  • किसी से वाद-विवाद न करें। साथ ही बड़े बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान न करें।
  • छठ पूजा के दौरान सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए।

जानिए छठ पूजा की महिमा

छठ पूजा की महिमा सूर्य देव और छठी मैया यानी सूर्य की बह की पूजा में निहित है, जो जीवन के लिए सूर्य को धन्यवाद देने और उनसे आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए है। इस पर्व का महत्व संतान प्राप्ति, संतान की सुरक्षा और सुखद जीवन के लिए है, जैसा कि राजा प्रियवद की कथाओं से ज्ञात होता है।

इसके वैज्ञानिक महत्व में पराबैंगनी किरणों के हानिकारक प्रभावों से बचाव शामिल है, क्योंकि भक्त सूर्य की उपासना के लिए पानी में खड़े होते हैं। छठ पूजा सामाजिक समरसता को दर्शाती है क्योंकि यह सभी जातियों के लोगों को एक साथ लाती है।

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