Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

महाभारत का वो पल जब हनुमान जी के क्रोध से कांप उठा युद्धभूमि, कर्ण ने ऐसा क्या किया कि मच गई भगदड़?

Hanuman Ji Karna Katha: महाभारत के युद्ध से जुड़ी कई कथाएं आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं। ऐसी ही एक रहस्यमयी और रोमांचक घटना वह है, जब महाबली हनुमान जी स्वयं क्रोध में आ गए।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Feb 10, 2026 | 04:00 PM

Hanuman and Karna (Source. Pinterest)

Follow Us
Close
Follow Us:

Mahabharata War Mystery: महाभारत के युद्ध से जुड़ी कई कथाएं आज भी लोगों को हैरान कर देती हैं। ऐसी ही एक रहस्यमयी और रोमांचक घटना वह है, जब महाबली हनुमान जी स्वयं क्रोध में आ गए और पूरा युद्धक्षेत्र उनकी दहाड़ से थर्रा उठा। यह प्रसंग न सिर्फ हनुमान जी की शक्ति दिखाता है, बल्कि कर्ण, अर्जुन और श्रीकृष्ण की भूमिका को भी गहराई से समझाता है।

अर्जुन के रथ पर विराजमान थे हनुमान जी

बहुत कम लोग जानते हैं कि महाभारत के युद्ध में हनुमान जी, धनुर्धर अर्जुन के रथ की ध्वजा पर विराजमान थे। यह स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की योजना थी, ताकि अर्जुन का रथ अडिग रहे और कौरवों के बाण उसे क्षति न पहुंचा सकें।

कर्ण और अर्जुन का भयंकर युद्ध

युद्ध के दौरान जब कर्ण और अर्जुन आमने-सामने आए, तो कर्ण ने अर्जुन पर बाणों की वर्षा शुरू कर दी। कई बाण अर्जुन को लगे और वे घायल हो गए। यह दृश्य देखकर रथ की छत पर बैठे हनुमान जी का क्रोध भड़क उठा। रामभक्त हनुमान के लिए यह असहनीय था कि उनके सामने अर्जुन को इस तरह घायल किया जाए।

सम्बंधित ख़बरें

हनुमान जी को किस योद्धा ने हराया था? जानिए वो रहस्यमयी कथा, जिसे सुनकर आज भी लोग रह जाते हैं हैरान

Navi Mumbai के खारघर में ‘हिंद दी चादर’ का भव्य आयोजन, पीएम मोदी-अमित शाह होंगे शामिल

पितृदोष से मुक्ति का विशेष अवसर ‘महाशिवरात्रि 2026’, ‘इन’ वस्तुओं के दान-धर्म से मिलेगा लाभ

भोलेनाथ की कृपा से मिलेगा मनचाहा जीवनसाथी, महाशिवरात्रि पर बस कर लें ये छोटे से काम!

हनुमान जी की दहाड़ से कांपी सेना

क्रोध में हनुमान जी ने ऐसी भयानक दहाड़ लगाई कि युद्धभूमि में मौजूद सभी योद्धा डर गए। कौरव सेना में भगदड़ मच गई, वहीं पांडव सेना भी आशंकित हो उठी कि अब क्या होने वाला है। स्वयं कर्ण कांपने लगा और उसे अपनी मृत्यु का आभास होने लगा।

जब बाणों से घायल हुए श्रीकृष्ण

कर्ण क्रोध में इतना अंधा हो गया था कि वह यह भी नहीं देख पा रहा था कि उसके बाण कहां गिर रहे हैं। युद्ध के नियमों के विपरीत, उसके कई बाण श्रीकृष्ण को भी लग गए, जिससे उनके शरीर से रक्त बहने लगा। यह देखकर हनुमान जी पूरी तरह आपा खो बैठे और उन्होंने कर्ण को मारने का निश्चय कर लिया।

ये भी पढ़े: हनुमान जी को किस योद्धा ने हराया था? जानिए वो रहस्यमयी कथा, जिसे सुनकर आज भी लोग रह जाते हैं हैरान

श्रीकृष्ण ने कैसे शांत किया हनुमान जी को

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि अगर हनुमान जी कर्ण पर टूट पड़ते, तो युद्ध का परिणाम बदल सकता था। तभी श्रीकृष्ण ने हनुमान जी को स्पर्श कर शांत किया और उन्हें समझाया कि “यह त्रेता युग नहीं है”, यहां धैर्य आवश्यक है। हनुमान जी शांत तो हो गए, लेकिन उनकी आंखों में अभी भी क्रोध की ज्वाला थी और पूंछ आकाश में लहरा रही थी।

हनुमान जी का रथ पर होना क्यों था जरूरी

श्रीकृष्ण की योजना के अनुसार, हनुमान जी के भार से अर्जुन का रथ स्थिर रहा। यही कारण था कि युद्ध के दौरान कौरवों के शक्तिशाली बाण भी अर्जुन के रथ को तोड़ नहीं सके। यह प्रसंग हनुमान जी की शक्ति, संयम और धर्म की अद्भुत मिसाल है।

Moment in mahabharata when the battlefield trembled with the anger of hanuman ji karna do that caused a stampede

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Feb 10, 2026 | 04:00 PM

Topics:  

  • Lord Hanuman
  • Mahabharat
  • Religion
  • Sanatana Dharma

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.