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हनुमान जी को किस योद्धा ने हराया था? जानिए वो रहस्यमयी कथा, जिसे सुनकर आज भी लोग रह जाते हैं हैरान

Hanuman Katha: एक प्रश्न सदियों से लोगों के मन में जिज्ञासा पैदा करता रहा है क्या हनुमान जी कभी हारे थे? और अगर हारे, तो किससे? यह सवाल न केवल आस्था से जुड़ा है पर काफी खास है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Feb 10, 2026 | 03:41 PM

Hanuman (Source. Pinterest)

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Hanuman Ji Story: महाबली हनुमान जी को लेकर एक प्रश्न सदियों से लोगों के मन में जिज्ञासा पैदा करता रहा है क्या हनुमान जी कभी हारे थे? और अगर हारे, तो किससे? यह सवाल न केवल आस्था से जुड़ा है, बल्कि भारतीय पौराणिक कथाओं की गहराई को भी दर्शाता है।

चारों युगों में अजेय रहे हनुमान जी

हनुमान जी को चारों युगों का सबसे शक्तिशाली और विजयी योद्धा माना गया है। तुलसीदास कृत हनुमान चालीसा में भी उनकी महिमा का स्पष्ट उल्लेख मिलता है, “चार युग प्रताप तुम्हारा” राम भक्त हनुमान पर भगवान श्रीराम की विशेष कृपा थी और वे भगवान शिव के परम प्रिय माने जाते हैं। इसी कारण मान्यता है कि वे कभी युद्ध में पराजित नहीं हुए।

फिर किस योद्धा ने हनुमान जी को हराया?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, एकमात्र योद्धा जिन्होंने हनुमान जी को पराजित किया, वे थे कलियुग के सिद्ध गुरु गोरखनाथ। यह कथा नाथ संप्रदाय और लोक मान्यताओं में विशेष स्थान रखती है।

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गुरु गोरखनाथ और मच्छेंद्रनाथ की कथा

कहा जाता है कि गुरु गोरखनाथ, भगवान शिव की कठोर तपस्या से सिद्ध महात्मा बने थे। एक बार वे अपने गुरु मच्छेंद्रनाथ को सांसारिक मोह से मुक्त कराने उनके राज्य पहुंचे। लेकिन मच्छेंद्रनाथ ने राज्य और राजसी सुखों के कारण साथ चलने से इंकार कर दिया।

राज्य की सुरक्षा के लिए मच्छेंद्रनाथ ने हनुमान जी से प्रार्थना की कि वे बाहरी शक्तियों से राज्य की रक्षा करें। हनुमान जी उनकी रक्षा के लिए प्रकट हुए और गुरु गोरखनाथ को चेतावनी दी, “आप यहाँ से चले जाएं, अन्यथा परिणाम अच्छा नहीं होगा।”

हनुमान जी और गुरु गोरखनाथ का युद्ध

गुरु गोरखनाथ शिव कृपा से सिद्ध थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे अपने गुरु को लेकर ही जाएंगे। इसके बाद दोनों के बीच भयंकर युद्ध हुआ। यह युद्ध इतना अद्भुत था कि हनुमान जी भी आश्चर्य में पड़ गए, क्योंकि जिनके एक प्रहार से कोई जीवित नहीं बचता था, उन्हें एक कलियुगी सिद्ध चुनौती दे रहा था। अंततः गुरु गोरखनाथ ने हनुमान जी को बंदी बना लिया।

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भगवान राम ने बताया हार का कारण

बंदी बनने पर हनुमान जी ने भगवान श्रीराम का स्मरण कर पूछा कि वे कैसे हारे। तब श्रीराम ने कहा, “इन पर भगवान शिव की अथाह कृपा है, ये जो बोलते हैं वह सिद्ध होता है, युद्ध में स्वयं शिव इनके साथ थे।”

सिद्धबलि का रहस्य

मान्यता है कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, उसे आज सिद्धबलि के नाम से जाना जाता है। यह कथा शक्ति, भक्ति और सिद्धि के अद्भुत संतुलन को दर्शाती है।

Warrior defeated lord hanuman learn the mysterious story that still leaves people astonished

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Published On: Feb 10, 2026 | 03:41 PM

Topics:  

  • Lord Hanuman
  • Religion
  • Sanatan Hindu religion
  • Sanatana Dharma

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