माता पार्वती और भगवान शिव (सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri Remedies: शिव और पार्वती के दिव्य मिलन का महापर्व महाशिवरात्रि इस बार 15 फरवरी को मनाया जा रहा हैं। यह दिन सभी शिव भक्तों के लिए बेहद खास होता है और भगवान की कृपा पाने का उत्तम अवसर माना जाता है।
कहते हैं कि माता पार्वती ने शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। इसी प्रकार, महाशिवरात्रि पर पूरे विधि-विधान से शिवलिंग की पूजा और उपवास रखने से मनचाहा जीवनसाथी मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
ज्योतिषयों के अनुसार, मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर केसर मिला हुआ दूध अर्पित करें। इस दौरान आप ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करते रहें। फिर माता पार्वती को लाल चुनरी और चूड़ियां चढ़ाएं। मान्यता है कि, इस उपाय से मनचाहा वर पाने की कामना पूर्ण होती हैं।
कहते है, मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए इस दिन आप उपवास रखें। जलाभिषेक के बाद ॐ गौरीशंकराय नमः मंत्र का जाप करें। शिव और पार्वती की चालीसा का पाठ करें। इससे प्रेम जीवन सुखमय बनता है।
शिवलिंग पर शहद और चंदन अर्पित करें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करते हुए महादेव के 108 नामों का जाप कर लें। मान्यता है कि, इससे योग्य वर की प्राप्ति होती हैं।
महाशिवरात्रि के शुभ दिन पर कच्चा दूध से अभिषेक करें। इसके बाद आप प्रभु के मंत्रों का जाप करें। यह रिश्तों में ऊर्जा लेकर आता है।
महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर 21 बेलपत्र रखें। इस दौरान आप भांग, धतूरा और सफेद पुष्प भी प्रभु को अर्पित करें। इससे प्रेम विवाह की कामना पूर्ण होती हैं।
शिवलिंग पर शहद और चंदन अर्पित करें। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करते हुए महादेव के 108 नामों का जाप कर लें। मान्यता है कि, इससे योग्य वर की प्राप्ति होती हैं।
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रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – शाम 06:39 से 09:45
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय -शाम 09:45 से 12:52
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – सुबह 12:52 से 03:59
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – सुबह 03:59 से 07:06
निशिता काल पूजा समय – सुबह 12:28 से 01:17