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मासिक शिवरात्रि से क्यों अलग है महाशिवरात्रि? जानिए रहस्य की बातें

Lord Shiva worship:मासिक शिवरात्रि हर महीने मनाई जाती है, जबकि महाशिवरात्रि साल में एक बार विशेष महत्व के साथ आती है। जानिए दोनों के बीच का अंतर और धार्मिक रहस्य।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Feb 12, 2026 | 08:56 PM

भगवान शिव(सौ.सोशल मीडिया)

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Shivratri Vs Mahashivratri: इस बार महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जा रही है। यह महापर्व शिव और शक्ति के मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ‘मासिक शिवरात्रि’ मनाई जाती है, लेकिन फाल्गुन मास में मनाया जाने वाला शिवरात्रि को ‘महाशिवरात्रि’ कहा जाता है।

महाशिवरात्रि और मासिक शिवरात्रि पर विधि-विधान से भगवान भोलेनाथ का व्रत और पूजन किया जाता है, लेकिन बहुत लोग महाशिवरात्रि और मासिक शिवरात्रि को एक ही समझ लेते हैं, जबकि महाशिवरात्रि और मासिक शिवरात्रि दोनों में अंतर है। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

महाशिवरात्रि साल में एक बार ही मनाई जाती है

धर्म ग्रंथों के अनुसार, महाशिवरात्रि का पर्व साल में एक बार ही बार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर ही महादेव पहली बार सर्वप्रथम लिंग रूप में प्रकट हुए थे।

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इसी रूप में उन्होंने भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी की परीक्षा ली थी। तभी से इस तिथि पर हर साल महाशिवरात्रि मनाई जाती है।

महाशिवरात्रि मनाने की अन्य मान्यता

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाशिवरात्रि वह विशेष दिन है जब महादेव और मां पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था। यह केवल एक विवाह नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक है। जबकि अन्य शिवरात्रियां जहां भक्ति का अवसर देती हैं, वहीं महाशिवरात्रि वैराग्य और गृहस्थ जीवन के संतुलन को दर्शाती है।

इस रात को महादेव ने तांडव नृत्य किया था, जो सृजन और विनाश के चक्र को दर्शाता है यही कारण है कि इस रात की गई साधना का फल अन्य रात्रियों की तुलना में कई गुना अधिक मिलने की संभावना मानी जाती है।

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आध्यात्मिक विकास और शांति का मार्ग

महाशिवरात्रि का विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यह हमें स्वयं से जोड़ने का मौका देती है। जहां बाकी शिवरात्रियां सामान्य अनुष्ठानों तक सीमित रह सकती हैं, महाशिवरात्रि आत्म-चिंतन और गहन ध्यान के लिए समर्पित है।

इस दिन महादेव की विशेष कृपा से व्यक्ति अपने भीतर के विकारों जैसे क्रोध, मोह और लोभ पर विजय पा सकता है। यह रात भक्तों को नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भर देती है, जिससे उनके जीवन का संचालन सही दिशा में होने लगता है महादेव की आराधना का यह महापर्व हमें शांति और मोक्ष की राह दिखाता है।

Masik shivratri vs mahashivratri difference importance mystery of lord shiva festival

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Published On: Feb 12, 2026 | 08:56 PM

Topics:  

  • Lord Shiva
  • Mahashivratri
  • Religion

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