श्री सिद्धिविनायक मंदिर मुंबई की ओर से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए भेंट देते अतिथि (सोर्स: सोशल मीडिया)
Kashi Vishwanath And Siddhivinayak Temple Spiritual Connection: धर्म की नगरी काशी और सपनों की नगरी मुंबई के बीच इस महाशिवरात्रि एक अनूठा आध्यात्मिक जुड़ाव देखने को मिल रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा शुरू किए गए विशेष ‘नवाचार’ (Innovation) के अंतर्गत, मुंबई के प्रतिष्ठित श्री सिद्धिविनायक मंदिर से भगवान श्री विश्वेश्वर (बाबा विश्वनाथ) के लिए विशेष पावन भेंट और उपहार वाराणसी भेजे गए हैं।
सनातन परंपरा में भगवान श्री गणेश और देवाधिदेव महादेव के बीच पिता-पुत्र का शाश्वत संबंध है। महाशिवरात्रि के इस पावन पर्व पर सिद्धिविनायक धाम से आई यह भेंट इसी आध्यात्मिक भाव को चरितार्थ करती है। बुधवार, 11 फरवरी 2026 को सिद्धिविनायक मंदिर के प्रतिनिधिमंडल ने काशी विश्वनाथ धाम पहुंचकर फल, पुष्प और अन्य पूजनीय सामग्रियां न्यास को सुपुर्द कीं।
मुंबई से पधारे विशिष्ट अतिथियों में सिद्धिविनायक मंदिर के डिप्टी सीईओ डॉ. संदीप राठौर, ट्रस्टी प्रोटोकॉल अध्यक्ष डॉ. मधुसूदन शुक्ल, पुजारी डॉ. प्रशांत मनेरिकर और डॉ. शिवम् मिश्र शामिल थे। इन प्रतिनिधियों ने काशी विश्वनाथ धाम में की गई भव्य व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन की जमकर प्रशंसा की। डॉ. संदीप राठौर ने कहा कि यह नवाचार न केवल दो बड़े तीर्थों को जोड़ता है, बल्कि सनातन संस्कृति की एकता को भी दर्शाता है।
यह भी पढ़ें:- महाराष्ट्र की 29 महानगरापालिकाओं में सत्ता की तस्वीर हुई साफ, यहां देखें महापौर और उपमहापौर की पूरी लिस्ट
काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की इस पहल का उद्देश्य देश के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों और शक्तिपीठों के बीच एक आध्यात्मिक सेतु बनाना है। इस आयोजन ने उपस्थित श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और समरसता की एक नई ऊर्जा भर दी है। न्यास ने इस भावपूर्ण योगदान के लिए सिद्धिविनायक मंदिर प्रशासन का आभार व्यक्त किया है।
काशी और मुंबई के इस मिलन ने यह सिद्ध कर दिया है कि महादेव और गणपति का आशीर्वाद भक्तों के लिए कल्याणकारी है। महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ का दरबार अब इन विशेष उपहारों से और भी दिव्य नजर आएगा।