कुंभ राशि (सौ.सोशल मीडिया)
Kumbh Sankranti 2026: सनातन धर्म में कुंभ संक्रांति का बड़ा महत्व है। इस साल कुंभ संक्रांति का पर्व कल, 13 फरवरी, 2026 को मनाया जाएगा। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस बार कुंभ संक्रांति के साथ विजया एकादशी का दुर्लभ संयोग भी बन रहा है, जिससे इस दिन का महत्व कई गुना बढ़ गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन कुछ कार्य करना अत्यंत शुभ मानी जाती है, वहीं कुछ कार्यो को करने की मनाही होती है।
कुंभ संक्रांति के दिन मांस, शराब, प्याज और लहसुन का सेवन करना निषेध माना जाता है। इसक सेवन करने से दिन भर के पुण्य कर्म नष्ट होते हैं।
संक्रांति का समय बदलाव का वक्त होता है, इस दौरान नया व्यवसाय या कोई बड़ी परियोजना को शुरू करने से बचना चाहिए।
कुंभ संक्रांति के दिन घर में किसी का अपमान या झगड़ा करने से बचना चाहिए।
कुंभ संक्रांति के दिन देर तक सोना या रात तक जागना शुभ नहीं माना जाता है। ऐसा करने से आपकी कुंडली में सूर्य की स्थिति कमजोर होती है।
इस दिन स्नान करने के बाद ही जलपान ग्रहण करना चाहिए। किसी पवित्र नदी में इस दिन नहाने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
कहा जाता है कि इस दिन भिखारियों या जरूरतमंदों को भोजन या सहायता देने से मना करने पर पितृ दोष हो सकता है।
कुंभ संक्रांति के दिन गुड़, तिल, अनाज और कपड़े का दान करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि, इस दिन दान करने से आशीर्वाद की प्राप्ति होती है।
सूर्य देव की पूजा करने के लिए तांबे के पात्र में जल अर्पित करते हुए ‘ओम सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप करना चाहिए।
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गायों को हरा चारा या गुड़ खिलाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है।
खुद को शुद्ध करने के लिए सुबह-सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए।