शिव-पार्वती(सौ.सोशल मीडिया)
Mahashivratri During Periods:हिन्दू धर्म में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को पूजा-पाठ करने की मनाही होती है। लेकिन कई विद्वान और आध्यात्मिक गुरु ऐसा मानते हैं कि ईश्वर कि भक्ति मन से होती है इसलिए अगर कोई महिला पीरियड्स में भी महाशिवरात्रि का व्रत रखना चाहती है तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
लेकिन ज्योतिष गुरू का कहना है कि, इस स्थिति में व्रत रखने के कुछ नियम हैं, जिन्हें पालन करना बहुत ही जरूरी है। यदि महाशिवरात्रि व्रत के दिन ही आपको पीरियड्स आ जाएं तो इस स्थिति में व्रत बीच में न छोड़ें क्योंकि संकल्प लेने के बाद व्रत अधूरा छोड़ना सही नहीं माना जाता है। लेकिन अगर आपको व्रत से पहले ही पीरियड्स आ जाते हैं तो बेहतर होगा कि व्रत न रखें।
अगर किसी महिला को महाशिवरात्रि के व्रत के दौरान पीरियड्स आ जाएं तो उसे व्रत को बीच में छोड़ने की जरूरत नहीं है। हालांकि यदि पीरियड्स व्रत शुरू होने से पहले ही शुरू हो जाएं तो व्रत नहीं रखना चाहिए।
हिंदू धर्म में यह माना जाता है कि पीरियड्स के दौरान पूजा-पाठ करना मना होता है। क्योंकि इसे शारीरिक रूप से अशुद्धि का समय माना जाता है। ऐसे में महिला को सिर्फ मन ही मन भगवान शिव का जाप करना चाहिए।
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ज्योतिषयों के अनुसार, यदि व्रत के दौरान पीरियड्स आ जाएं और आप फिर भी उपवास रखना चाहती हैं तो उपवास किया जा सकता है लेकिन पूजा में प्रत्यक्ष रूप से भाग लेना उचित नहीं होता। इस दौरान पूजा की सामग्री को छूना वर्जित है इसलिए बेहतर होगा कि पूजा के कार्य किसी और से कराए जाएं।
आप मौन रहकर भगवान शिव का ध्यान कर सकती हैं और नाम जप कर सकती हैं जिससे आपको पूजा का पूरा फल मिल सके।