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मां सीता की खीर रस्म से कांप उठे थे दशरथ! एक चमत्कार जिसने रावण तक को किया मजबूर

Ramayan Katha: रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि चमत्कारों से भरी ऐसी कथा है, जिसमें हर प्रसंग के पीछे गहरा अर्थ छिपा है। जब माता सीता ने शादी के बाद पहली बार खीर बनाई तो राजा दशरथ क्यों डर गए।

  • By सिमरन सिंह
Updated On: Jan 13, 2026 | 01:06 PM

Mata Sita and Raja Dasharatha (Source. AI)

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Mata Sita Kheer Ritual: रामायण केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि रहस्यों और चमत्कारों से भरी ऐसी कथा है, जिसमें हर प्रसंग के पीछे गहरा अर्थ छिपा है। जब माता सीता और भगवान श्रीराम का विवाह संपन्न हुआ और वे अयोध्या पहुंचे, तब वहां एक पारंपरिक रस्म निभाई गई। इस रस्म के अनुसार, नई नवेली दुल्हन को अपने हाथों से खीर बनाकर पूरे परिवार को खिलानी होती है। माता सीता ने भी पूरे श्रद्धा भाव से यह रस्म निभाई, लेकिन इसी दौरान ऐसा चमत्कार हुआ जिसने स्वयं राजा दशरथ को भीतर तक हिला दिया।

खीर परोसते समय हुआ अद्भुत चमत्कार

रामायण के अनुसार, जब माता सीता पूरे परिवार को खीर परोस रही थीं, तभी अचानक तेज हवा चली। उसी हवा के साथ एक घास का छोटा-सा टुकड़ा उड़ता हुआ राजा दशरथ के पत्तल में जा गिरा। यह दृश्य सामान्य लग सकता था, लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह साधारण नहीं था। जैसे ही माता सीता की दृष्टि उस घास के टुकड़े पर पड़ी, वह हवा में ही भस्म हो गया। न कोई आग, न कोई स्पर्श बस माता सीता की दिव्य दृष्टि और घास का टुकड़ा समाप्त।

राजा दशरथ क्यों डर गए थे?

इस चमत्कार को वहां मौजूद कोई और नहीं देख पाया, लेकिन राजा दशरथ की नजर उस दृश्य पर पड़ चुकी थी। उसी क्षण वे समझ गए कि माता सीता कोई सामान्य स्त्री नहीं, बल्कि दिव्य शक्ति से युक्त हैं। यही अनुभूति उन्हें भीतर तक भयभीत कर गई। इसके बाद राजा दशरथ ने माता सीता से एक वचन मांगा कि जिस प्रकार उन्होंने उस घास के टुकड़े को देखा, वैसे किसी अन्य पुरुष को कभी न देखें। माता सीता ने अपने ससुर के वचन को स्वीकार किया।

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अशोक वाटिका और रावण से मौन का रहस्य

यही वचन आगे चलकर एक और बड़े रहस्य से जुड़ता है। जब माता सीता अशोक वाटिका में थीं और रावण उनके सामने आया, तब भी माता सीता ने उससे सीधे आंख मिलाकर बात नहीं की। मान्यता है कि यह वही वचन था, जो उन्होंने राजा दशरथ को दिया था। यही कारण था कि रावण जैसे अहंकारी और शक्तिशाली राक्षस को भी माता सीता की दिव्यता के सामने मौन और असहज होना पड़ा।

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एक रस्म, जो बन गई इतिहास का संकेत

माता सीता की खीर की यह रस्म केवल परंपरा नहीं थी, बल्कि उनके दिव्य स्वरूप का पहला संकेत भी थी। यही कारण है कि यह प्रसंग आज भी रामायण की सबसे रहस्यमयी और चर्चित कथाओं में गिना जाता है।

King dasharatha was shaken by mother sitas kheer ritual a miracle that even compelled ravana

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Published On: Jan 13, 2026 | 01:06 PM

Topics:  

  • Lord Ram
  • Mata Sita
  • Ramayan
  • Religion
  • Sanatan Hindu religion
  • Spiritual

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