भगवान कालभैरव (सौ.AI)
Kalashtami Vrat Kab Hai : कल 4 मार्च से चैत्र महीने की शुरुआत के साथ ही हिंदू नववर्ष का आगाज़ हो रहा है, जो आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जा रहा है। इस महीने में कई व्रत त्योहार पड़ते है जिसका अपना अलग ही महत्व है।
इन्ही में से एक कालाष्टमी व्रत भी। भगवान शिव के रौद्र और शक्तिशाली स्वरूप काल भैरव को समर्पित कालाष्टमी व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस बार चैत्र महीने की कालाष्टमी व्रत 11 मार्च को है।
कालाष्टमी का व्रत भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव को समर्पित है, जो हर माह कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। इस व्रत से अज्ञात भय, शत्रुओं और राहु-केतु के अशुभ प्रभावों का नाश होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह व्रत साधक को पापों से मुक्ति, जीवन में सुख-समृद्धि, साहस और मानसिक शांति प्रदान करता है
पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र मास की अष्टमी तिथि की शुरुआत 11 मार्च 2026 की देर रात यानी 12 मार्च के शुरुआती घंटों में 01:54 बजे से होगी। धार्मिक पंचांग के जानकारों का कहना है कि यह तिथि अगले दिन यानी 12 मार्च को सुबह 04:19 बजे समाप्त हो जाएगी।
चूंकि, काल भैरव की मुख्य पूजा रात के समय की जाती है, इसलिए उदया तिथि और अर्धरात्रि पूजा के मेल को देखते हुए 11 मार्च को ही कालाष्टमी का व्रत और पूजन करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
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