‘कार्तिक पूर्णिमा’ नवंबर के पहले हफ्ते ‘इस’ दिन, जानिए गंगा-स्नान और दान की महिमा
Kartik Purnima Kab Hai:धार्मिक ग्रंथों में तो यहां तक ये भी कहा गया है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में एक डुबकी लगाने से सौ अश्वमेध यज्ञ करने के बराबर फल मिलता है।
- Written By: सीमा कुमारी
कार्तिक पूर्णिमा कब है (सौ.सोशल मीडिया)
Kartik Purnima 2025 kab hai: धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से कार्तिक महीने को सबसे पवित्र एवं पावन माना गया है। क्योंकि, इस शुभ तिथि पर गंगा स्नान और दान करने का जो पुण्य बताया गया है, वह किसी भी अन्य दिन किए गए धार्मिक कार्य से कई गुना अधिक होता है। धार्मिक ग्रंथों में तो यहां तक ये भी कहा गया है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में एक डुबकी लगाने से सौ अश्वमेध यज्ञ करने के बराबर फल मिलता है।
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का उदय 5 नवंबर 2025 बुधवार को हो रहा है, इसलिए उदया तिथि के अनुसार, कार्तिक पूर्णिमा का व्रत, स्नान और दान 5 नवंबर 2025 को किया जाएगा। ऐसे में आइए जानते है आखिर कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान और दान का क्यों इतना महत्व।
देवी-देवताओं का धरती पर होता है आगमन
ऐसा माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन सभी देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और पवित्र नदियों, विशेष रूप से गंगा, में स्नान करते है। इसलिए इस दिन गंगा का जल अमृतमय हो जाता है। कहते है जो मनुष्य इस शुभ तिथि पर गंगा या किसी अन्य पवित्र नदी में स्नान करता है, उसे देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है। इसलिए सनातन धर्म में इस दिन का महत्व है।
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मोक्ष का द्वार
अगर कार्तिक महीने की बात करें तो,धार्मिक ग्रथों में कार्तिक मास को मोक्ष का महीना भी कहा जाता है। कार्तिक पूर्णिमा का स्नान, दान और उपवास व्यक्ति को जन्म-मरण के बंधन से मुक्त कर मोक्ष की ओर ले जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में किया गया स्नान व्यक्ति के पिछले जन्मों और इस जन्म के सभी पापों को धो डालता है।
कार्तिक पूर्णिमा पर दान का क्यों विशेष महत्व
आपको बता दें, कार्तिक स्नान के साथ-साथ इस दिन दान का भी बड़ा महत्व भी बताया गया है। हिंदू धर्म शास्त्रों में वर्णित है कि कार्तिक पूर्णिमा पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करने से अनंत पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
अन्न-धन का दान
कहा जाता है कि, कार्तिक पूर्णिमा पर अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी निर्धन या ब्राह्मण को अन्न, वस्त्र, धन या जरूरत की वस्तुएं दान करना अत्यंत शुभ फलदायी होता है। इससे धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है।
दीपदान करें
बता दें, कार्तिक पूर्णिमा को देव दिवाली भी कहते है। इस दिन पवित्र नदियों, मंदिरों, पीपल या तुलसी के पास दीपदान (दीपक जलाना) करने से अंधकार दूर होता है और जीवन में सकारात्मकता व सुख का आगमन होता है।
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गौ दान करना भी बड़ा शुभ
यदि संभव हो, तो गौ दान करना भी सर्वश्रेष्ठ दान माना गया है। आप इस दिन गौ दान करके भी पुण्य कमा सकते है।
