‘इस’ दिन शुरू हो रहा है 2025 का कार्तिक महीना, जानिए श्रीहरि विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा की महिमा
Kartik Maas: हिन्दू धर्म में कार्तिक महीना का बड़ा महत्व है। कार्तिक माह में भगवान विष्णु की पूजा-आराधना, पवित्र नदियों में स्नान और दान-पुण्य करने का विशेष महत्व होता है।
- Written By: सीमा कुमारी
कब से शुरू हो रहा है कार्तिक महीना (सौ.सोशल मीडिया)
Kartik Maas 2025 Start Date: धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से कार्तिक महीना बड़ा महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास आठवां महीना होता है। इस महीने में भगवान विष्णु लंबे समय के विश्राम के बाद जगते हैं। इसी वजह से कार्तिक महीना को धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता है कि इस महीने में जगत के पालनहार भगवान विष्णु और भगवान श्रीकृष्ण की उपासना करने से जातक को सभी तरह के संकटों से छुटकारा मिलता है। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। ऐसे में आइए जान लेते है कब से शुरू हो रहा है कार्तिक मास और इसके नियम के बारे में।
कब से शुरू हो रहा है कार्तिक महीना
आपको बता दें, साल 2025 में कार्तिक माह की शुरुआत 8 अक्टूबर, बुधवार के दिन से हो रही है। इस माह को इसलिए भी विशेष माना जाता है क्योंकि सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु इस माह में 4 माह की योगनिद्रा के बाद जागते हैं।
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कार्तिक मास में जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु की पूजा-अर्चना करने का विधान है। भगवान विष्णु जी की पूजा से जीवन में खुशियों का वास होता है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
जानिए कार्तिक मास से जुड़े नियम
- ऐसी मान्यता है कि कार्तिक महीने में श्रीहरि में जल में वास करते हैं। कार्तिक मास को भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने के लिए शुभ माना जाता है।
- इस माह में रोजाना श्रीहरि और माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करनी चाहिए।
- तुलसी के पौधे की उपासना जरूर करें और सुबह एवं शाम को देसी घी का दीपक जलाएं।
- इसके अलावा श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में गर्म कपड़े, अन्न और धन का दान करना फलदायी सबित होता है।
- प्रतिदिन विधिपूर्वक गीता का पाठ करें और मंदिर, नदी, तीर्थ स्थान में दीपक जलाएं।
किन कार्यों को करने की है मनाही
- कार्तिक के महीने में तामसिक चीजों के सेवन से बचना चाहिए।
- किसी से बातचीत के दौरान गलत शब्द का प्रयोग न करें।
- तन और मन की स्वच्छता को बनाए रखें।
- किसी भी पशु-पक्षी को नुकसान न पहुचाएं।
जानिए क्या है कार्तिक मास का धार्मिक महत्व
सनातन धर्म में कार्तिक मास का बड़ा धार्मिक महत्व है। इस महीने में रोजाना सूर्योदय से पहले उठकर पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो घर में ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
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इसे कार्तिक स्नान भी कहा जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से जातक को पुण्य की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस मास में भजन-कीर्तन, दीपदान और तुलसी के पोधे की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। कार्तिक मास में करवा चौथ, दिवाली भाई दूज, समेत कई अन्य पर्व मनाए जाते हैं।
