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शत्रुओं पर जीत की बात हो या जीवन की अड़चनों को हराना, ‘विजया एकादशी’ की विधिवत पूजा से मनोकामनाएं होंगी पूरी

Lord Vishnu Ekadashi worship: विजया एकादशी का व्रत और विधिवत पूजा शत्रुओं पर विजय, जीवन की बाधाओं से मुक्ति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Feb 02, 2026 | 08:03 PM

भगवान विष्णु (सौ.सोशल मीडिया)

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Vijaya Ekadashi Kab Hai 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत को सभी व्रतों में सबसे पुण्यदायी माना गया है। हर महीने दो एकादशी पड़ती है। हर एकादशी का अपना अलग ही महत्व होता है। इस बार फाल्गुन महीने की एकादशी यानी विजया एकादशी का व्रत 13 फरवरी को है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना कर जीवन की कठिन परिस्थितियों पर विजय पाने की कामना की जाती है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत शत्रुओं पर जीत, मानसिक मजबूती और कार्यों में सफलता दिलाने वाला माना गया है। ऐसे में आइए जानते हैं, फरवरी में कब है जीत दिलाने वाली विजया एकादशी और इसका महत्व, पूजा का शुभ मुहूर्त और पारण समय क्या है?

कब फाल्गुन माह में विजया एकादशी 2026?

पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर विजया एकादशी व्रत किया जाता है। इस खास अवसर पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा कर व्रत कथा का पाठ करते हैं। इससे साधक को व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

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डेट और शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार विजया एकादशी व्रत 13 फरवरी को किया जाएगा और व्रत का पारण करने का समय 14 फरवरी को सुबह 07 बजे से 09 बजकर 14 मिनट तक है।

फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर

फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि का समापन- 13 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 25 मिनट पर

ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 05:18 से 06:10 बजे तक
अमृत काल: सुबह 09:08 से 10:54 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:13 से 12:58 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:27 से 03:11 बजे तक

व्रत पारण का सही समय

विजया एकादशी का पारण 14 फरवरी 2026 को किया जाएगा। पारण का समय सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक रहेगा। हरि वासर की समाप्ति उसी दिन सुबह 08:20 बजे होगी।

पारण हमेशा हरि वासर के बाद ही करना शुभ माना जाता है। विजया एकादशी के दिन सात्विक आहार लें। भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें. क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूरी रखें। यह दिन संयम और श्रद्धा के साथ बिताना ही व्रत का सार माना गया है।

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विजया एकादशी का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को विधिपूर्वक करने से कामों में आ रही बाधा दूर होती है। साथ ही जीवन की चुनौतियां दूर होती हैं। शत्रुओं पर विजय मिलती है। भगवान विष्णु साधक की पूजा से प्रसन्न होकर मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

Vijaya ekadashi puja for victory and success

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Published On: Feb 02, 2026 | 08:03 PM

Topics:  

  • Ekadashi Fast
  • Lord Vishnu
  • Religion
  • Vijaya Ekadashi

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