
काल भैरव (सौ.सोशल मीडिया)
Kalashtami Evening Remedies: आज 9 फरवरी को फाल्गुन महीने की कालाष्टमी का व्रत रखा जा रहा हैं। भगवान शिव के रौद्र रूप कालभैरव देव को समर्पित कालाष्टमी का व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि के दिन रखा जाता है।
ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, काल भैरव की पूजा करने से न केवल नकारात्मक शक्तियां दूर होती हैं, बल्कि जीवन में आ रही आर्थिक बाधाएं भी समाप्त हो जाती हैं। कहते है यदि आप भी पैसों की तंगी या कर्ज से परेशान हैं, तो आज के दिन कुछ विशेष उपाय आपके भाग्य को बदल सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज कालाष्टमी शाम के समय किसी काल भैरव मंदिर में जाकर सरसों के तेल में काले तिल डालकर दीपक जलाएं। कहा होता है कि, आर्थिक तंगी से लेकर कर्ज से मुक्ति मिलती हैं।
भगवान शिव के रौद्र रूप कालभैरव देव को समर्पित हैं। ऐसे में आज शिव चालीसा या भैरव अष्टक का पाठ करने से मानसिक शांति के साथ-साथ दरिद्रता से मुक्ति मिलती है। इसलिए इस दिन शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें।
हिन्दू धर्म में भगवान काल भैरव का वाहन कुत्ता बताया गया है। ऐसे में आज के दिन काले कुत्ते को मीठी रोटी या गुड़ के पुए खिलाने से राहु-केतु के दोष शांत होते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
ज्योतिषयों का मानना है कि, यदि व्यापार में घाटा हो रहा है, तो काल भैरव को 11 या 21 नींबू की माला अर्पित करें। इससे नजर दोष दूर होता है और तरक्की मिलती है।
हिंदू धर्म में कालाष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। यह दिन भगवान काल भैरव की उपासना के लिए अत्यंत शुभ होता है। काल भैरव को भगवान शिव का उग्र, शक्तिशाली और रक्षक स्वरूप माना जाता है, जो अपने भक्तों की हर संकट से रक्षा करते हैं।
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मान्यता है कि जो व्यक्ति इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखकर पूजा-अर्चना करता है, उसके जीवन से भय, कर्ज और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे दूर होने लगती हैं। साथ ही कालाष्टमी का व्रत नकारात्मक ऊर्जा को समाप्त कर सकारात्मकता और साहस प्रदान करता है।
यह दिन विशेष रूप से उन लोगों के लिए लाभकारी माना जाता है, जो जीवन में बाधाओं, मानसिक तनाव या अनिश्चितता का सामना कर रहे हों।






