नवरात्र में अगर आपकी अखंड ज्योति बुझ जाए, तो कर लें ये उपाय, वरना हो सकता है अशुभ!
Shardiya Navratri Akhand Jyoti: शारदीय नवरात्रि पर अखंड ज्योति जलाने की एक विशेष परंपरा है। अगर ये ज्योत बुझ जाए तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। बल्कि यहां दिए गए उपाय कर सकते है।
- Written By: सीमा कुमारी
नवरात्र में अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या करें (सौ.सोशल मीडिया)
Akhand jyoti bujh jaye to kya kare: 22 सितंबर से आदि शक्ति मां भगवती की उपासना का महापर्व शारदीय नवरात्रि का शुभारंभ हो चुका है। नवरात्रि में माता रानी के भक्त नौ दिनों तक माता की पूजा-अर्चना करते हैं और अखंड ज्योति जलाते हैं। शास्त्रों के अनुसार,नवरात्रि में नौ दिन तक अखंड ज्योति जलाने का विधान माना गया है। इसे बेहद महत्वपूर्ण भी माना गया है। इसीलिए अखंड ज्योति का बुझना अशुभ माना गया है।
लेकिन, कई बार ऐसा भी देखा गया है बहुत ज्यादा ध्यान रखते हुए भी अचानक किसी भी कारण से अखंड ज्योति बुझ जाती है। अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो बिल्कुल भी न डरें। ऐसा हो जाए तो आपको बस एक ही काम करना चाहिए। ऐसे में आइए जान लेते हैं, नवरात्र में अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या करें किन बातों का रखें ध्यान।
नवरात्र में अखंड ज्योत बुझ जाए तो क्या करें
ज्योतिषियों के मुताबिक, अखंड ज्योति का अर्थ- अखंड, यानी अटूट और ज्योति, यानी प्रकाश यानी अखंड ज्योति एक ऐसी ज्योति है, जो नवरात्रि के दौरान अखंड रूप से जलाई जाती है। ये ज्योति देवी दुर्गा की शक्ति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए, नवरात्र में अखंड ज्योत जलाना बेहद शुभ माना गया है।
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माता दुर्गा की कृपा
माना जाता है कि नवरात्रि में अखंड ज्योति जलाने से माता रानी प्रसन्न होती हैं। और माता-रानी के प्रसन्न होने का अर्थ है घर-परिवार पर मां की कृपा होना। इससे घर-परिवार में खुशहाली और समृद्धि बनी रहती है। वहीं, माना यह भी जाता है कि अखंड ज्योति जलाने से मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं।
जानिए क्या है अखंड ज्योति जलाने के नियम
ज्योतिषयों के अनुसार, अखंड ज्योति जलाने के कई नियम होते हैं। इसलिए माना जाता है कि अखंड ज्योत जलाते समय पूरी तरह से सावधानी बरतनी चाहिए। वैसे तो, अखंड ज्योति का बुझना शुभ नहीं माना जाता।
लेकिन अगर सावधानी के बावजूद अखंड ज्योति किसी कारण बुझ जाए या बार-बार अखंड ज्योति बुझे, तो ऐसे में आपको करना चाहिए ये काम अखंड ज्योति का बार-बार बुझना शुभ नहीं माना जाता। इसे अनिष्टकारी माना जाता है। लेकिन यदि पूरी सावधानी के बावजूद यदि अखंड ज्योति बुझ जाए तो, सबसे पहले मां से क्षमा याचना करें।
शास्त्रों के अनुसार, अगर किसी कारण से ज्योति बुझ गई है तो, फिर से बाती उसी में डालकर दीपक को न लगाएं। दरअसल, बुझने के बाद इस ज्योति को खंडित माना जाता है। आप जलते दीपक में ही दूसरी बाती जोड़ दें तो आपकी ज्योति खंडित नहीं मानी जाएगी।
नवरात्रि में जलाई गई अखंड ज्योति पूरे नौ दिनों तक जलनी चाहिए। लेकिन, अगर आप ज्योति जलाने के लिए सवा बित्ता से कम की बाती का इस्तेमाल करेंगे, तो यह कभी भी पूरे नौ दिन तक नहीं जल पाएगी।
कहते हैं, दीपक को बुझने से बचाने के लिए दूसरी बाती को पहली बाती में पहले ही जोड़ दीजिए। इसीलिए आप पहले ही सवा हाथ का रक्षासूत्र बनाकर दीपक के बीचों-बीच रख दें, जिससे कि दीपक किसी कारण बुझ भी जाए तो आप इस बाती से दीपक को जला सकें।
यदि नौ दिन पूरे होने और नवरात्रि खत्म होने के बाद भी दीपक जलता रहे तो, इसे फूंक माकर या किसी भी तरह से खुद नहीं बुझाना चाहिए। बल्कि इस अखंड ज्योति को स्वयं ही बुझने देना चाहिए।
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अखंड ज्योति की बाती को महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए आप पहले ही सवा हाथ का रक्षासूत्र बनाकर दीपक के बीचों-बीच रख दें, जिससे कि दीपक किसी कारण बुझ जाए, तो आप इस बाती से दीपक को जला सकें।
