- Hindi News »
- Religion »
- If Liberation Is Possible In Married Life Then Why Did You Adopt The Life Of A Renunciate A Answer From Premanand Ji Maharaj
गृहस्थ में मोक्ष संभव है तो आपने सन्यास जीवन को क्यों अपनाया ? प्रेमानंद जी महाराज का गूढ़ उत्तर
Premanand Ji Maharaj Path of Moksha: यह प्रश्न अक्सर लोगों के मन में उठता है कि जब गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी मोक्ष संभव है, तो फिर कोई सन्यास का मार्ग क्यों अपनाता है।
- Written By: सिमरन सिंह

Premanand Ji Maharaj (Source. Pinterest)
Grihasth aur Sanyasi Jeevan mein moksh kee praapti: यह प्रश्न अक्सर लोगों के मन में उठता है कि जब गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी मोक्ष संभव है, तो फिर कोई सन्यास का मार्ग क्यों अपनाता है। इस जिज्ञासा का उत्तर प्रेमानंद जी महाराज ने अत्यंत सरल, लेकिन गहरे आध्यात्मिक भाव के साथ दिया है। उनका कहना है कि ईश्वर ने यह सृष्टि एकरूप नहीं, बल्कि विविध स्वभाव और प्रवृत्तियों से भरी बनाई है। इसी विविधता को समाहित करने के लिए प्रभु ने जीवन के दो प्रमुख मार्ग बनाए निवृत्ति मार्ग और प्रवृत्ति मार्ग।
निवृत्ति मार्ग: केवल स्वयं के लिए नहीं, समष्टि के लिए
सन्यास या निवृत्ति मार्ग केवल व्यक्तिगत मोक्ष तक सीमित नहीं है। प्रेमानंद जी महाराज बताते हैं कि एक सच्चा विरक्त, जो पूरी तरह भगवान में स्थित हो जाता है, वह केवल स्वयं का नहीं, बल्कि असंख्य लोगों का कल्याण कर सकता है। सन्यासी जीवन में सांसारिक जिम्मेदारियां नहीं होतीं न परिवार का पालन, न व्यवसाय, न नौकरी। उनका एकमात्र कार्य होता है “नाम जप” और निरंतर भगवान का स्मरण। यह मार्ग त्याग, तप और पूर्ण समर्पण का है। प्रभु ने इस मार्ग की रचना इसलिए की ताकि कुछ लोग अपना पूरा मानसिक और आध्यात्मिक बल ईश्वर को अर्पित कर सकें और गुरु मार्ग के रूप में समाज का मार्गदर्शन कर सकें।
प्रवृत्ति मार्ग: गृहस्थ का कठिन लेकिन महान संघर्ष
गृहस्थ जीवन अपने आप में एक बड़ी साधना है। घर-परिवार, जिम्मेदारियां, आर्थिक दबाव और सामाजिक रिश्तों के बीच भजन-स्मरण के लिए समय निकालना आसान नहीं होता। पूजा में बैठते ही मन कभी कामों में, कभी चिंताओं में उलझ जाता है। इसी संदर्भ में देवर्षि नारद और घी से भरे पात्र की कथा का उल्लेख आता है। प्रभु ने नारद जी से कहा कि सिंहासन की परिक्रमा करते हुए पात्र से एक बूंद भी न गिरे। नारद जी पूरे ध्यान से पात्र को संभालते रहे और प्रभु का नाम तक न ले सके। तब भगवान ने समझाया कि जो गृहस्थ इतनी जिम्मेदारियों के बीच भी ईश्वर को स्मरण करता है, वह अत्यंत श्रेष्ठ भक्त है।
सम्बंधित ख़बरें
Masik Shivratri: कब है ज्येष्ठ मासिक शिवरात्रि 2026? यहां जानिए सटीक तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
Coconut Upay: ज्योतिष और किस्मत से क्या है नारियल का कनेक्शन? जानिए कैसे मुसीबतों से बचा सकता है यह फल
Work Life Balance: ऑफिस, तनाव और थकान से हैं परेशान, गुरूदेव श्री श्री रविशंकर के विचारों से मिलेगा मोटिवेशन
Pradosh Vrat: 14 या 15 मई, किस दिन है प्रदोष व्रत? जानिए सटीक तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त
ये भी पढ़े: रावण के वध से पहले क्यों भगवान श्रीराम ने चलाए थे 32 बाण? जानिए इसके पीछे की धार्मिक मान्यता
दोनों मार्गों का पवित्र संतुलन
निवृत्ति और प्रवृत्ति मार्ग एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। गृहस्थ संतों की सेवा, दान और सहायता करता है, जिससे सन्यासी जीवन चलता है। वहीं सन्यासियों के तपोबल का आशीर्वाद गृहस्थ को भी प्राप्त होता है। ईश्वर जिसने जहां रखा है, वहीं रहकर यदि श्रद्धा, ईमानदारी और भक्ति से जीवन जिया जाए, तो दोनों मार्ग अंततः उसी परम लक्ष्य मोक्ष की ओर ले जाते हैं।
एक सुंदर उपमा से समझिए
आध्यात्मिक यात्रा एक महासागर के समान है। सन्यासी प्रकाशस्तंभ की तरह है स्वयं स्थिर रहकर दूसरों को मार्ग दिखाने वाला। गृहस्थ एक मजबूत जहाज की तरह है, जो अनेक यात्रियों को लेकर संसार की लहरों से गुजरता है। यदि दिशा ईश्वर की ओर हो, तो मंज़िल अवश्य मिलती है।
If liberation is possible in married life then why did you adopt the life of a renunciate a answer from premanand ji maharaj
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
IPL 2026 के बाद BCCI लेगा बड़ा निर्णय, कोचिंग रोल के लिए बालाजी समेत कई अन्य नाम किए गए शॉर्टलिस्ट
May 13, 2026 | 09:58 PMकांग्रेस को बड़ा झटका! मुलताई नगर पालिका अध्यक्ष नीतू परमार की भाजपा में वापसी; हेमंत खंडेलवाल ने किया स्वागत
May 13, 2026 | 09:48 PMACB के शिकंजे में अपर डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर , 22,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार
May 13, 2026 | 09:47 PMFitkari Water: फिटकरी के पानी से कुल्ला करने से क्या होता है? फायदे जानकर नहीं करेंगे यकीन
May 13, 2026 | 09:44 PMMP के 1.5 लाख शिक्षकों को सुप्रीम कोर्ट का झटका! TET को लेकर कही बड़ी बात; जानें क्या है पूरा मामला
May 13, 2026 | 09:29 PMTamil Nadu News: CM विजय को वोट देने वाले AIADMK के 25 विधायकों पर गिरी गाज, EPS ने दिखाया बाहर का रास्ता
May 13, 2026 | 09:25 PMBhind News: PM Modi की अपील को दरकिनार करते नजर आए BJP नेता, 50 गाड़ियों के साथ किया जोरदार शक्ति प्रदर्शन
May 13, 2026 | 08:58 PMवीडियो गैलरी

NEET पेपर लीक: 2 साल की मेहनत पर फिरा पानी, विपक्ष ने सरकार को घेरा; छात्रों ने पूछा- मन की बात का क्या?
May 13, 2026 | 02:45 PM
कौन थे लग्जरी के शौकीन प्रतीक यादव? सपा सुप्रीमो अखिलेश से कैसा था नाता, जानें सब कुछ- VIDEO
May 13, 2026 | 01:35 PM
मऊ मामले पर भड़के सपा सांसद, UP के मंत्री पर हत्या की साजिश के गंभीर आरोप, बोले- सरकारी कार्यक्रम किया हाइजैक
May 13, 2026 | 01:01 PM
Prateek Yadav Death News: प्रतीक यादव के निधन पर भावुक हुए बड़े भाई अखिलेश, दिया बड़ा बयान, देखें VIDEO
May 13, 2026 | 12:46 PM
NEET Exam Cancelled 2026: एक पेपर लीक से सरकार को कितने सौ करोड़ का नुकसान? रकम जान उड़ जाएंगे होश- VIDEO
May 12, 2026 | 05:13 PM
पूरी दुनिया में महा-संकट की आहट पीएम मोदी ने देशवासियों को किया आगाह, विपक्ष पर बरसी बीजेपी
May 12, 2026 | 02:41 PM














