

Work life Balance Shri Shir Ravishankar Quotes: हर वर्किंग प्रोफेशनल को वीकली ऑफ का इंतजार रहता है। हफ्ते भर काम करने के बाद इंसान थक जाता है। इसके साथ ही उसके निजी जीवन में भी कई चीजें होती है जिसे मैनेज करना होता है। ऐसे में जरूरी है- वर्कलाइफ बैलेंस।
हर व्यक्ति को कामयाब होना है और कामयाबी बिना मेहनत के नहीं मिलती है। यदि आप अपने पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन नहीं बनाएंगे, तो यह आपके लिए मेंटल स्ट्रेस का कारण बन सकता है। यह चैलेंजिंग जरूर है, लेकिन यदि आप इसे सकारात्मक रूप से मैनेज करेंगे, तो नामुमकिन नहीं है। इससे फिजिकल हेल्थ, मेंटल हेल्थ, रिलेशनशिप और जॉब सेटिस्फेक्शन भी मिलता है।
इस संबंध में श्री श्री रविशंकर ने अपने विचार साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर आप भी कार्य व निजी जीवन में संतुलन बना सकेंगे।
गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने एक अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। आगे उनका मानना है कि कई लोग अपने दफ्तरों में तो मौजूद होते हैं, लेकिन उनका ध्यान कहीं और होता है। एक छोटे से काम में भी उन्हें 2-3 घंटे लग जाते हैं क्योंकि वे पूरी तरह से एकाग्रचित नहीं होते। ऐसे में काम के लिए पर्याप्त समय और ध्यान की आवश्यकता होती है।
आध्यात्मिक गुरु ने कहा कि जब ऊर्जा खत्म हो, तो आपको रूकना होगा। उनके शब्दों में, गाड़ी रोकनी होगी, पेट्रोल भरवाना होगा और दोबारा शुरू करना होगा। यदि आप कहेंगे कि मेरे पास पेट्रोल भरवाने का समय नहीं है तो रास्ते के बीचों-बीच फंसे रह जाएंगे।
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आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री कहते है, मेहनत करना एक बात है, लेकिन अपनी ऊर्जा को भी समझना होगा और उसे रीसेट करना होगा। अगर आप अपने लिए समय नहीं निकालेंगे तो आपकी प्रोडक्टिविटी पर असर होगा। आपकी दक्षता इस बात से तय नहीं होती कि आप कितने घंटे अपने डेस्क पर बैठते है बल्कि इस बात से तय होगी कि आपकी क्षमता कितनी है।