Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • मंगल, 21 जुलाई 2026
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • ई-पेपर
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Pitru Paksha 2026: इन 3 दिनों में धरती पर लौटते हैं पूर्वज, आखिर क्यों, क्या है श्राद्ध पक्ष की मान्यता

Hindu Tradition: हिंदू धर्म में संक्रांति, अमावस्या और पितृ पक्ष को पूर्वजों के स्मरण और आशीर्वाद का अवसर माना जाता है। जानें इन तीनों दिनों का धार्मिक महत्व और पितरों से जुड़ी मान्यताएं।

  • Written By: रीता राय सागर
Updated On: Jul 20, 2026 | 08:39 AM

पितृ पक्ष (फोटो.सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Ancestors In Hindu Tradition: हिंदू परंपराओं में पूर्वजों को केवल यादों में नहीं रखा जाता है बल्कि श्राद्ध, पूजा और दान-पुण्य के माध्यम से उन्हें याद किया जाता है। साल में तीन ऐसे अवसर आते हैं, जब हमारे पितर प्रतीकात्मक रूप से अपने परिवार के पास आते हैं।

हिंदू धर्म में माना जाता है कि मृत्यु के बाद भी पूर्वजों से हमारा संबंध पूरी तरह समाप्त नहीं होता है। परिवार के लोग पूजा, स्मरण और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से अपने पितरों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

इन परंपराओं का उद्देश्य केवल धार्मिक कर्मकांड नहीं होता है, बल्कि परिवार की विरासत और संस्कार को अगली पीढ़ियों तक पहुंचाना भी है। श्रद्धापूर्वक पूर्वजों का स्मरण करने से घर में सुख, शांति और उनका आशीर्वाद सदैव परिवार पर बना रहता है। कहा जाता है कि संक्रांति, अमावस्या और पितृ पक्ष साल के इन तीन अवसरों पर पितर धरती पर वापस आते हैं।

सम्बंधित ख़बरें

Hanuman Chalisa: रोज हनुमान चालीसा का पाठ करने से मिलते हैं ये 5 दिव्य फायदे, भय और नकारात्मकता का होगा नाश

Sawan Shivling: भोलेनाथ की कृपा चाहिए? सावन में शिवलिंग स्थापना के दौरान रखें इन नियमों का ध्यान

Sawan Vrat: सावन में रख रहे हैं व्रत ? इन विशेष नियमों का करें पालन, वरना निष्फल हो जाएगा व्रत

Maa Durga: मंगलवार को आषाढ़ माह की मासिक दुर्गाष्टमी, इस विधि से करें पूजा, मां दुर्गा करेंगी हर मनोकामना पूरी

संक्रांति पर दान का विशेष महत्व

हिंदू धर्म में संक्रांति को दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन किया गया दान न केवल ईश्वर को समर्पित होता है, बल्कि पूर्वजों तक भी पहुंचता है। संक्रांति के अवसर पर अन्न, वस्त्र और जरूरत की अन्य वस्तुओं का दान करने की परंपरा है। यह दया, सेवा और कृतज्ञता जैसे मूल्यों का प्रतीक है, जो भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा रहे हैं। इस दिन किया गया दान समाज और दान करने वाले दोनों के लिए शुभ फलदायी होता है।

अमावस्या के अनुष्ठानों का महत्व

पूर्वजों की पूजा के लिए अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाने, तिल अर्पित करने और श्रद्धापूर्वक प्रार्थना करने की परंपरा है।

ये सभी रीति-रिवाज अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तरीके से की जाती है। इनका उद्देश्य किसी भय को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि पूर्वजों को सम्मानपूर्वक याद करना और मानसिक शांति प्राप्त करना है।

इन मान्यताओं का वास्तविक संदेश

पूर्वजों से जुड़े धार्मिक अनुष्ठान का उद्देश्य केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है। ये हमें अपनी जड़ों से जुड़े रहने, परिवार के बुजुर्गों का सम्मान करने, पारिवारिक परंपराओं को आगे बढ़ाने और दूसरों के प्रति दया एवं सेवा का भाव रखने की प्रेरणा देते हैं।

प्रार्थना, दान और स्मरण जैसे कार्य ही पीढ़ी दर पीढ़ी पारिवारिक मूल्यों को आगे बढ़ाने का काम करते हैं।

ये भी पढ़ें- Sacred Number 108: मनके से लेकर जपमाला तक 108 अंक क्यों माना जाता है पवित्र? जानें क्या कहता है विज्ञान

कृतज्ञता पर आधारित एक सनातन परंपरा

सदियों से हिंदू समाज में स्मरण, सेवा और दान की परंपरा को पूर्वजों का अपने वंशजों के प्रति आशीर्वाद समझा जाता है। जब हम श्रद्धा, सद्कर्म और सेवा के माध्यम से अपने पूर्वजों का सम्मान करते हैं, तो हम केवल अतीत को याद नहीं करते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी अच्छे संस्कारों और मूल्यों की मजबूत नींव रखते हैं।

Hindu tradition pitru paksha why ancestors are believed to return on amavasya

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jul 20, 2026 | 08:39 AM

Topics:  

  • Pitru Paksha
  • Religion News
  • Sanatan Hindu religion
  • Sanatana Dharma

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.