Hanuman Chalisa: रोज हनुमान चालीसा का पाठ करने से मिलते हैं ये 5 दिव्य फायदे, भय और नकारात्मकता का होगा नाश
Hanuman Chalisa Benefits: हनुमान चालीसा को कलयुग में बेहद प्रभावी और तत्काल फल देने वाला माना गया है। मंगलवार और शनिवार के दिन इसका नियमित पाठ करने से सभी प्रकार के कष्ट, बाधाएं और दुख दूर होते हैं.
- Written By: रीता राय सागर
हनुमान चालीसा (फोटो.सोशल मीडिया)
Hanuman Chalisa Path: संकटमोचक हनुमान को भगवान शिव का 11वां रुद्र अवतार माना जाता है। हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने से भक्तों के जीवन के संकट, दुख और बाधाएं दूर होती हैं। सदियों से श्रद्धालु उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का श्रद्धापूर्वक पाठ करते आ रहे हैं।
हनुमान चालीसा की रचना किसने की?
पवित्र ग्रंथ रामचरितमानस की रचना करने वाले महान संत गोस्वामी तुलसीदास जी ने हनुमान चालीसा की रचना की थी। यह उनकी सबसे प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है। हनुमान चालीसा में कुल 40 चौपाइयां हैं, इसलिए इसे चालीसा कहा जाता है।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, गोस्वामी तुलसीदास ने हनुमान चालीसा की रचना तब की थी, जब वे कारागार में थे। उन्होंने पूरे विश्वास और भक्ति के साथ इसका पाठ किया। उनके पाठ से प्रसन्न होकर भगवान हनुमान ने वानरों की सेना भेजी, जिससे पूरे नगर में हलचल मच गई और अंततः तुलसीदास को जेल से मुक्ति मिल गई।
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यह कथा इस बात का प्रतीक है कि सच्ची श्रद्धा से हनुमान चालीसा का पाठ करने पर भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त होती है और जीवन के संकट दूर होते हैं।
रोज हनुमान चालीसा का पाठ करने के 5 आध्यात्मिक लाभ
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नकारात्मक शक्तियों और भय से रक्षा
हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा और भय दूर होते हैं। ऐसा माना जाता है कि भगवान हनुमान हर हाल में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें साहस व आत्मबल प्रदान करते हैं। इसी कारण छोटे बच्चों को भी हनुमान चालीसा का पाठ करने की सलाह दी जाती है।
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शनि की साढ़े साती और ढैय्या के प्रभाव होते हैं कम
ज्योतिषीय के अनुसार, भगवान हनुमान की पूजा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। कथा के अनुसार, भगवान हनुमान ने शनि देव की रक्षा की थी, जिसके बाद शनि देव ने आशीर्वाद दिया कि वे हनुमान जी के सच्चे भक्तों को कष्ट नहीं पहुचाएंगे। इसी वजह से साढ़े साती और ढैय्या के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ शुभ माना जाता है।
हनुमान चालीसा (फोटो.सोशल मीडिया)
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पापों से मुक्ति की प्रार्थना
मान्यता है कि व्यक्ति से जाने-अनजाने में कई गलतियां हो जाती हैं। ऐसे में भगवान हनुमान से क्षमा याचना करते हुए श्रद्धापूर्वक हनुमान चालीसा का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है। कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रात्रि में हनुमान चालीसा की शुरुआती चौपाइयों का आठ बार पाठ करने से पाप से मुक्ति मिलती है।
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जीवन की बाधाओं को दूर करने में सहायक
धार्मिक विश्वास है कि जो व्यक्ति नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करता है, उसे भगवान हनुमान का संरक्षण प्राप्त होता है। उनकी कृपा से जीवन की कठिनाइयों और बाधाओं का सामना करने की शक्ति मिलती है।
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सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति
हनुमान चालीसा का श्रद्धा और एकाग्रता के साथ पाठ करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे आलस्य कम होता है, आत्मविश्वास बढ़ता है और व्यक्ति अपने कार्यों के प्रति अधिक सचेत होते हैं। कई लोग मानते हैं कि इससे तनाव, चिंता और अनिद्रा जैसी समस्याओं में भी मानसिक राहत मिल सकती है।
हनुमान चालीसा का कितनी बार पाठ करना चाहिए?
हनुमान चालीसा की अंतिम चौपाइयों में कहा गया है-
।।जो सत बार पाठ कर कोई, छूटहि बंदि महा सुख होई।
जो यह पढ़े हनुमान चालीसा, होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
यहां सत का अर्थ 100 माना गया है। ऐसी मान्यता है कि यदि कोई साधक किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए श्रद्धापूर्वक 100 बार प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ 3-4 महीनों तक करता है, तो उसे आध्यात्मिक लाभ और मनोकामना सिद्धि प्राप्त होती है। हालांकि, यह पूरी तरह धार्मिक आस्था पर आधारित है।
हनुमान चालीसा पाठ की विधि
- मंगलवार या शनिवार के दिन सुबह या शाम लाल रंग के आसन पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- भगवान हनुमान की प्रतिमा या चित्र के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाएं।
- हनुमान जी को बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
- इसके बाद बजरंगबली की आरती करें।
- अंत में पूरे भाव से भगवान के समक्ष अपनी मनोकामना को प्रार्थना स्वरूप रखें और उनकी कृपा की कामना करें।
