Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

Guruwar ka Vrat: Good Luck के लिए करें गुरुवार का व्रत, भगवान विष्णु की कृपा से चमक सकती है किस्मत

Thursday Vrat: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में गुरु का दोष है, तो उसे गुरुवार का व्रत करने की सलाह दी जाती है, लेकिन इश व्रत को करने की सही विधि का पता होना जरूरी है।

  • Written By: रीता राय सागर
Updated On: Jun 04, 2026 | 07:49 AM

गुरुवार का व्रत (फोटो.सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Guruwar Vrat Ke Niyam: हिंदू धर्म में बृहस्पति को देवगुरु माना जाता है। गुरु ही हमारे जीवन में सुख-सौभाग्य का कारक माना गया है, जिनकी पूजा और व्रत करने पर साधक का गुडलक बढ़ता है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यदि आप भी इस व्रत को रखने की सोच रहे हैं, तो आपको इससे जुड़े नियम और विधि जरूर जानना चाहिए।

कब से शुरू कर सकते हैं गुरुवार का व्रत?

हिंदू मान्यता के अनुसार, देवगुरू वृहस्पति की कृपा पाने के लिए किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष में गुरुवार व्रत की शुरुआत की जा सकती है। इसके अलावा यदि पुष्य नक्षत्र के साथ इसका संयोग बने तो बहुत ज्यादा शुभ माना जाता है।

कितने गुरुवार का व्रत करना है शुभ फलदायी

अगर आप गुरुवार के व्रत शुरू कर रहे हैं, तो ध्यान रखें कि कम से कम 16 गुरुवार का व्रत रखना चाहिए। पहले गुरुवार के दिन व्रत का संकल्प करें और फिर 16 गुरुवार तक व्रत का अनुसरण करें। इसके बाद 17 गुरुवार के दिन विधि-विधान से व्रत का उद्यापन करें या आप चाहें तो इसे आगे भी किया जा सकता हैं।

सम्बंधित ख़बरें

सीएम भजनलाल शर्मा ने अधिकारियों को दिए बड़े निर्देश, 2027 तक बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा राजस्थान

Jamai Shashti 2026: आम-लीची, मिठाइयां और तोहफे, ऐसे मनाया जाता है बंगाल का खास पर्व ‘जमाई षष्ठी’

Innocent Children Victims Of Aggression 2026: मासूमों पर हिंसा रोकने का संकल्प, जानिए इस दिन का महत्व

Masik Shivratri 2026: 13 जून को अधिक मास की मासिक शिवरात्रि, इस शुभ मुहर्त में करें पूजा, होगे भोलेनाथ प्रसन्न

पीला रंग है गुरु का रंग

गुरुवार के दिन देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए पीले पुष्प, पीले रंग के मिष्ठान चढ़ाएं और पीला रंग का ही वस्त्र धारण करें। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए कमल और तुलसीदल भी अर्पित करें।

क्या है गुरुवार के व्रत का महत्व

ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति को ज्ञान, धर्म, भाग्य और संतान का कारक माना जाता है।

  • कुंडली में सुधार

जिन व्यक्तियों की कुंडली में गुरु कमजोर होता है, उनके लिए यह व्रत रामबाण माना गया है। इस एक व्रत के करने से गुरु मजबूत होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

  • बाधाओं का निवारण

यह व्रत विशेष रूप से विवाह में देरी, आर्थिक तंगी और करियर में आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए किया जाता है। मनचाहा जीवनसाथी प्राप्त होता है।

  • सफलता का मार्ग

मजबूत बृहस्पति व्यक्ति को समाज में सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और करियर में स्थिरता मिलती है। बृहस्पति का विधि-विधान से व्रत करने पर साधक को जीवन में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है।

किन चीजों का करें दान

किसी भी देवी-देवता या ग्रह को मनाने या फिर उनका आशीर्वाद पाने के लिए भक्त को उनकी प्रिय चीजों का दान करना चाहिए। यह तब ज्यादा फलदायी होता है, जब आप उनके लिए निर्धारित दिन को उनकी प्रिय वस्तु का दान करते हैं। इसलिए गुरुवार के दिन आपको गुरु ग्रह से संबंधित चीजें जैसे चने की दाल, हल्दी, केसर, पीले पुष्प, पीले वस्त्र, बेसन, बेसन से बनी मिठाई, कढ़ी, पीले चावल आदि का दान करना चाहिए।

ये भी पढ़ें- Jamai Shashti 2026: आम-लीची, मिठाइयां और तोहफे, ऐसे मनाया जाता है बंगाल का खास पर्व ‘जमाई षष्ठी’

क्या है व्रत के नियम

  • गुरुवार व्रत के दिन बाल धोना वर्जित है, इसलिए बेहतर है कि व्रत से एक दिन पहले बाल धो लें।
  • गुरुवार व्रत के दिन नाखून व बाल काटना भी वर्जित माना गया है। इसके अलावा इस दिन साबुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है और इसलिए गुरुवार को कपड़े धोना मना होता है।
  • गुरुवार के दिन पीले रंग के कपड़े पहनना शुभ होता है, क्योंकि पीले रंग का संबंध विष्णु जी और देव गुरु बृहस्पति से है और इस रंग के कपड़े पहनकर पूजा करने से गुरु प्रसन्न होते हैं।
  • गुरुवार के दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है और उनकी पूजा में गुड़ व चने की दाल का भोग लगाया जाता है।
  • इस खास दिन पर केले के पेड़ की पूजा की जाती है। मान्यता है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। यदि संभव हो तो केले के पेड़ की पूजा करने के बाद वहीं बैठकर गुरुवार व्रत की कथा पढ़नी व सुननी चाहिए।

Guruwar vrat puja vidhi fayde niyam to get benefit and guru dosh

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 04, 2026 | 07:49 AM

Topics:  

  • Guruwar Upay
  • Hindi News
  • Religion News
  • Sanatan Culture
  • Sanatan Hindu religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.