ब्रह्म मुहूर्त में उठकर कर लें ये काम, दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक पाएगी सफल होने से
Brahma Muhurat: शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त का समय को बड़ा ही चमत्कारी माना गया है, इस समय में की गई साधना का असर जल्दी दिखाई देता है, क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त में मन उलझनों से मुक्त होता है।
- Written By: सीमा कुमारी
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर करें ये काम (सौ.सोशल मीडिया)
Brahma Muhurat: सनातन धर्म शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त का समय बहुत ही ख़ास होता है। ब्रह्म मुहूर्त का समय प्रात: काल 3 से 5 बजे के बीच का माना जाता है। ये दिन का सबसे शांत समय होता है। ब्रह्म मुहूर्त समय को लेकर कहा जाता है कि इस समय पर प्रकृति की उर्जा अपने चरम पर होती है।
आपको बता दें, इस समय मन पूरी तरह से शांत होता है। इन्हीं सब वजहों से ये समय ध्यान, योग, पूजा-पाठ के लिए सबसे शुभ कहा गया है। ब्रह्म मुहूर्त को अक्षय मुहूर्त के नाम से भी जाना जाता हैं।
जानकार बताते है कि, जो कोई भी ब्रह्म मुहूर्त में अपने काम की शुरुआत करता है। उसका मस्तिष्क ज्यादा तेज रहता हैं। सोचने-समझने की ताकत बढ़ती है और दिन भर शरीर उर्जावान रहता है।
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कहा जाता है कि, इस समय में की गई साधना का असर जल्दी दिखाई देता है, क्योंकि ब्रह्म मुहूर्त में मन उलझनों से मुक्त होता है, तो चलिए जानते हैं कि बह्म मुहूर्त में कौन से काम या कहें कि उपाय करने चाहिए?
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर करें ये काम
गायत्री मंत्र का जाप करें
आपको बता दें, ब्रह्म मुहूर्त में जागने के बाद अपने इष्टदेव का स्मरण करना चाहिए। फिर ऊं भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यम् भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्’ का उच्चारण करना चाहिए। इस शुभ समय गायत्री मंत्र का जाप करने से पुण्य फल प्राप्त होते हैं।
शिव जी का स्मरण करें
ब्रह्म मुहूर्त में गायत्री मंत्र का जाप करने के अलावा शिव जी का स्मरण करना भी बड़ा फलदायक बताया गया हैं। मंत्रोच्चारण के बाद कुछ देर ध्यान लगाना चाहिए और भगवान शिव का स्मरण करना चाहिए।
‘ऊं’ का जप करना चाहिए। इस साधना से मन और आत्मा दोनों शुद्ध होती है और साथ ही मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन की हर परेशानी दूर होती है।
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हथेलियों के दर्शन करें
शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त का समय को बड़ा ही चमत्कारी माना गया है, इसलिए इस दौरान आंख खुलने पर लोगों को अपनी हथेलियों को अवश्य देखना चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि हथेलियों में त्रीदेव निवास करते हैं। ऐसे में ब्रह्म मुहूर्त में उठते ही अपनी हथेलियों के दर्शन अवश्य करें ।
