
ढैय्या-साढ़ेसाती से बचने के लिए करें ये उपाय (सौ.सोशल मीडिया)
Hanuman Janmotsav 2025: कल पूरे देशभर में हनुमान जयंती का पावन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन कलियुग के देवता और पवन पुत्र हनुमान जी की पूजा की जाती है। कहते हैं इस दिन राम भक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था, जिसके उपलक्ष्य में यह जन्मोत्सव पूरे देश भर में हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया जाता है।
ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन राम भक्त हनुमान जी की उपासना और केवल बूंदी का भोग लगाने से वह भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं, जिसके प्रभाव से जातक को मानसिक शांति और शत्रुओं से मुक्ति प्राप्त होती हैं। वहीं, यह दिन उन लोगों के लिए और भी खास है, जो शनि की ढैय्या व साढ़ेसाती से गुजर रहे हैं।
ज्योतिषियों के अनुसार शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या से बचने के लिए सदैव संकटमोचन का पूजन किया जाता है और इस साल हनुमान जन्मोत्सव पर शनिवार का संयोग भी बन रहा है। इसलिए इस दिन कुछ खास उपाय करने से इसके अशुभ प्रभाव से बचा जा सकता है। आइए इन उपायों के बारे में जानते हैं।
ढैय्या-साढ़ेसाती से बचने के लिए करें ये उपाय
ज्योतिषियों के मुताबिक, हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर आप हनुमान जी को पान का बीड़ा चढ़ाएं। इसके बाद कुछ कागजी बादाम लेकर उसे काले रंग के कपड़े में बांध लें। फिर इसे आप घर की दक्षिण दिशा में किसी गुप्त स्थान पर रख दें।
अगले दिन किसी शनि मंदिर में जाकर इसे रख दें। इससे साढ़ेसाती से मिलने वाले नकारात्मक परिणामों से मुक्ति प्राप्त होती हैं।
ज्योतिषियों की मानें तो, हनुमान जयंती के दिन आप सरसों के तेल में सिंदूर मिलाकर घर के सभी दरवाजों पर स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। इससे शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।
हनुमान जन्मोत्सव के शुभ दिन हनुमान मंदिर में चमेली के तेल का दीपक जलाएं। इस दौरान प्रभु को गुड़ का भोग लगाएं और हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। मान्यता है कि इस उपाय को करने से करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
धर्म की खबरें जानने के लिए क्लिक करें…
ज्योतिष बताते है कि, हनुमान जन्मोत्सव के शुभ अवसर पर आप उपवास रखें। फिर बजरंगबली को सिंदूर व चमेली का तेल चढ़ाएं। अब बरगद के कम से कम 8 पत्तों पर सिंदूर से राम-नाम लिखें। इसकी एक माला बनाकर हनुमान जी को अर्पित करें। कहते हैं कि इस उपाय को करने से शनि साढ़ेसाती व ढैय्या के प्रभाव से मुक्ति मिलती है।






