रोटी बनाते समय भूल कर भी न करें ये गलतियां, लुट जाएंगी खुशियां, हेल्थ को भी नुकसान का खतरा!

ऐसा माना जाता है कि किचन की हर गतिविधि सीधी आपके जीवन की ऊर्जा और सुख-समृद्धि से जुड़ी होती हैं। अगर रोटी बनाते समय कुछ नियमों का पालन न किया जाए, तो इसका असर घर के लोगों की तरक्की, सेहत और रिश्तों पर भी पड़ सकता है।
रोटी बेलते समय न करें ये गलतियां, वरना चुटकियों में खत्म हो जाएगी सारी धन-सम्पत्ति
रोटी बेलते समय न करें ये गलतियां (सौ.सोशल मीडिया)
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व्यक्ति की जीवन में वास्‍तु शास्‍त्र का बड़ा महत्व होता हैं। अगर वास्‍तु के नियमों का पालन किया जाए तो जीवन की कई परेशानियां अपने आप खत्‍म हो जाती हैं, वहीं इन नियमों की अनदेखी करना मुसीबतों को अपने हाथों न्‍योता देने जैसा हैं।

रसोई को वास्तु और ज्योतिष में बेहद अहम माना गया हैं। ऐसा माना जाता है कि किचन की हर गतिविधि सीधी आपके जीवन की ऊर्जा और सुख-समृद्धि से जुड़ी होती हैं। अगर रोटी बनाते समय कुछ नियमों का पालन न किया जाए, तो इसका असर घर के लोगों की तरक्की, सेहत और रिश्तों पर भी पड़ सकता है।

इसलिए जरूरी है कि हम इन छोटी बातों को गंभीरता से लें और किचन में पॉजिटिव माहौल बनाए रखें। आइए जानते है रोटी बनाते समय किन नियमों का पालन वास्तु और ज्योतिष दृष्टि से सही है

रोटी बेलते समय न करें ये गलतियां

किचन के स्लैब पर रोटी बेलना

वास्तु शास्त्र के अनुसार, कई बार लोग जल्दी में रोटी बेलने के लिए किचन के स्लैब यानी पत्थर के प्लेटफॉर्म का ही इस्तेमाल कर लेते है। लेकिन, यह आदत अशुभ मानी जाती है। हमेशा लकड़ी के चकले और बेलन का इस्तेमाल करना चाहिए। इससे घर में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहती है। बता दें, पत्थर पर रोटी बेलने से घर की बरकत धीरे-धीरे कम होने लगती है और धन से जुड़ी परेशानियां आने लगती हैं।

रोटी बनाते समय मन का साफ होना जरूरी

जिसके हाथ से रोटी बन रही है, उसका मन शांत और सोच साफ होनी चाहिए। गुस्से, चिंता या जलन जैसे भावों के साथ बनाई गई रोटी पूरे घर की एनर्जी को प्रभावित कर सकती है। इसलिए रोटी बनाते समय शांत संगीत सुनना, कोई मंत्र जपना या बस पॉजिटिव सोच रखना बहुत अच्छा तरीका हो सकता है।

बासी आटे से रोटी बनाना

वास्तु शास्त्र के अनुसार, रात का बचा हुआ आटा सुबह इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इससे पितृ दोष माना जाता है और यह सेहत के लिए भी ठीक नहीं होता। ऐसा आटा खाने से पेट की बीमारियां और लंबे समय में बड़ी बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। अगर आटा बच जाए तो उसमें थोड़ा सा गुड़ मिलाकर गाय को खिला देना शुभ माना गया है।

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