Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

चैत्र नवरात्र का पहला और अष्टमी व्रत रखने वाले ये बातें कर लें नोट, बाद में पछताना न पड़े

Ashtami Vrat Rules And Precautions: चैत्र नवरात्र में पहला और अष्टमी व्रत रखने से पहले इसके जरूरी नियम और सावधानियां जान लेना बहुत जरूरी है, ताकि पूजा का पूरा फल मिल सके।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Mar 16, 2026 | 04:41 PM

मां दुर्गा(सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Ashtami Vrat Important Rules:आदिशक्ति मां भवानी को समर्पित चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ इस बार 19 मार्च, गुरुवार से होने जा रही है जिसका समापन 27 मार्च 2026 को होगी। पूरे नौ दिन तक चलने वाला नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है।

चैत्र नवरात्रि के दौरान कई भक्त पूरे नौ दिन तक व्रत रखते हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु केवल पहला दिन और अष्टमी का व्रत रखते हैं। शास्त्रों के अनुसार पहला दिन संकल्प का और अष्टमी पूर्णता का प्रतीक माना जाता है।

इन दोनों व्रतों का सही नियमों के साथ पालन करने से पूजा फलदायी मानी जाती है और मन में शांति व सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।

सम्बंधित ख़बरें

आज प्रदोष काल में करें ये अचूक उपाय, भगवान शिव की कृपा से दूर होगी हर समस्या

चैत्र नवरात्र में अपनी राशि अनुसार कर लें ये खास उपाय, बदल जाएगी किस्मत!

कब है गुड़ी पड़वा 2026? जानिए क्यों मनाया जाता है यह त्यौहार, सबसे सही तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त भी नोट करे

चैत्र नवरात्रि ‘सप्तश्लोकी दुर्गा स्तोत्र’ पाठ की महिमा तो जानिए, नोट कीजिए स्तोत्र

नवरात्र का पहला व्रत रखने का आध्यात्मिक महत्व

नवरात्र के पहले दिन व्रत रखने का मतलब है मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा का संकल्प लेना। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान के बाद साफ कपड़े पहनें और फिर कलश स्थापना के साथ अपने व्रत की शुरुआत करें।

पहला व्रत रखने वालों को इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि वे पूरे दिन अपने विचारों को शुद्ध रखें।

आध्यात्मिक यात्रा की नींव

नवरात्र के पहले दिन नई ऊर्जा के साथ अपनी बड़ी इच्छाएं मां के सामने रखने का होता है। पूजा के समय अखंड ज्योति जलाना और मां की आरती करना आपके घर में सकारात्मकता लेकर आता है। पहले दिन का यह संयम आपके पूरे नौ दिनों की आध्यात्मिक यात्रा की नींव रखता है, जिससे मन में एक अलग ही फुर्ती महसूस होती है।

अष्टमी व्रत रखने का आध्यात्मिक महत्व

चैत्र नवरात्रि में अष्टमी का व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसे महाष्टमी कहा जाता है। इस दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है।

अष्टमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है, जिसमें छोटी कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर भोजन कराया जाता है। मान्यता है कि इससे नवरात्रि का व्रत पूर्ण माना जाता है और घर में सुख-समृद्धि आती है।

ये भी पढ़ें-चैत्र नवरात्र में अपनी राशि अनुसार कर लें ये खास उपाय, बदल जाएगी किस्मत!

व्रत के दौरान खान-पान और संयम

चैत्र नवरात्रि में चाहे आप पहला और अष्टमी का व्रत रखें या पूरे नौ दिनों का, सात्विक आहार का पालन करना जरूरी माना जाता है। व्रत के दौरान फलाहार लें और अनाज या भारी भोजन से दूरी बनाए रखें।

साबूदाना, कुट्टू का आटा और फल शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। साथ ही अधिक नमक और मसालों के प्रयोग से बचना चाहिए, ताकि मन शांत और स्थिर बना रहे।

माता दुर्गा के प्रति किया गया यह संयम और त्याग ही भक्तों के लिए उनके आशीर्वाद का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

Chaitra navratri first and ashtami vrat important rules

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 16, 2026 | 04:41 PM

Topics:  

  • Chaitra Navratri
  • Goddess Durga
  • Navratri
  • Religion News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.