Budhwar Vrat: बुधवार व्रत कब से शुरू करें? जानिए इस व्रत से जुड़े जरूरी नियम और होने वाले चमत्कारी लाभ
Budhwar Vrat Upay: बुधवार व्रत भगवान गणेश और बुध देव की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। इस व्रत को सही नियम और विधि से करने पर जीवन में सुख-समृद्धि, बुद्धि की वृद्धि और सभी विघ्न दूर होते है।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान गणेश (सौ. सोशल मीडिया)
Budhwar Vrat Kaise Kare: सनातन धर्म में सप्ताह का हर दिन किसी-न-किसी देवी-देवता को की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित है। इसी प्रकार बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध देव की पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। धर्म शास्त्रों में भगवान गणेश और बुध देव को सबसे शक्तिशाली देवता बताया गया है।
भगवान गणेश और बुध देव की पूजा का महत्व
हिन्दू धर्म में भगवान गणेश और बुध देव की पूजा का बड़ा महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि, जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान गणेश और बुध देव दोनों की पूजा करता है उसे रिद्धि-सिद्धि, सुख-समृद्धि, तीव्र बुद्धि, करियर में सफलता और आर्थिक समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
ऐसे भक्तों के जीवन से सभी विघ्न और कर्ज की समस्या और कुंडली में बुध के नकारात्मक प्रभाव दूर हो जाते हैं। ऐसे में अगर आप बुधवार व्रत रखने जा रहे है तो बुधवार व्रत से जुड़े नियमों का पालन जरूर करना चाहिए।
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कब से शुरू करें बुधवार व्रत
हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, बुधवार व्रत शुरु करने के लिए किसी भी माह के शुक्ल पक्ष के बुधवार से गणेश जी के निमित्त व्रत शुरू करना बेहतर माना जाता है।
7, 11 या 21 बुधवार व्रत का संकल्प ले सकते हैं
आप बुधवार व्रत शुरू करने के बाद 7, 11, या फिर 21 बुधवार व्रत (Budhwar Vrat) का संकल्प लें सकते हैं। वहीं, व्रत का उद्यापन करना भी जरूरी माना गया है। तभी आपको इस व्रत का पूर्ण लाभ मिल सकता है।
बुधवार व्रत की क्या है? पूजा विधि
- बुधवार के दिन सूर्योदय से पहले स्नान-ध्यान कर व्रत का संकल्प लें।
- घर में ईशान कोण में गंगाजल का छिड़काव कर पूजा की चौकी स्थापित करें।
- पूजा के दौरान गणेश जी का पंचामृत से अभिषेक करें और बुध देव का स्मरण करें।
- चौकी पर हरा रंग का कपड़ा बिछाकर गणपति की मूर्ति स्थापित करें।
- गणेश जी को कुमकुम, हल्दी, चंदन, अबीर, गुलाल, फूल और सिंदूर अर्पित करें।
- पूजा में गणेश जी को 11 दूर्वा की जरूर अर्पित करें।
- भोग के रूप में मोदक या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
- बुधवार व्रत की कथा करें और गणेश जी की आरती करें।
- शाम को गणपति जी की पूजा कर सात्विक भोजन ग्रहण करें।
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किन नियमों का रखें खास ध्यान
बुधवार व्रत में भूलकर भी नमक का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही इस दिन बेटियों का अपमान न करने से आपको गणपति जी की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। बुधवार व्रत में एक समय खाना चाहिए। व्रत में आप दही, हरी मूंग दाल का हलवा आदि का सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही दूध, फल आदि का सेवन भी किया जा सकता है।
