Bhanu Saptami 2026: पुरुषोत्तम मास की भानु सप्तमी पर कर लें ये अचूक उपाय, करियर मिलेगी कामयाबी
Bhanu Saptami 2026 Remedies: भानु सप्तमी 2026 और पुरुषोत्तम मास के शुभ संयोग पर किए जाने वाले खास उपायों से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। जानिए उन उपायों के बारें में।
- Written By: सीमा कुमारी
भानु सप्तमी (Source. Pinterest)
Purushottam Mas Bhanu Saptami Upay: सूर्य देव की कृपा पाने के लिए भानु सप्तमी का व्रत सनातन धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस बार पुरुषोत्तम मास की भानु सप्तमी का व्रत 7 जून, रविवार को रखा जाएगा। कहा जाता है कि इस दिन सूर्य देव की विशेष पूजा-अर्चना के साथ-साथ कुछ उपाय करने सें करियर और सेहत से जुड़ी दूर परेशानिया दूर हो जाती हैं।
ज्योतिषियों की मानें तो, पुरुषोत्तम मास की भानु सप्तमी पर वैधृति, विष्कम्भ और द्विपुष्कर योग बन रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये तीनों मुहूर्त सूर्योपासना के लिए खास माने गए हैं।
क्या है पुरुषोत्तम मास की भानु सप्तमी का शुभ मुहूर्त?
- ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 4 बजकर 23 मिनट से लेकर 05 बजकर 08 मिनट तक
- अभिजित मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 53 मिनट से दोपहर 12 बजकर 44 मिनट तक
- विजय मुहूर्त- दोपहर 2 बजकर 27 मिनट से 3 बजकर 19 मिनट तक
- द्विपुष्कर योग- सुबह 5 बजकर 53 मिनट से 7 बजकर 55 मिनट तक
पुरुषोत्तम भानु सप्तमी पर क्या उपाय करें?
- सूर्य देव को अर्घ्य दें – इस दिन सुबह स्नान के बाद तांबे के लोटे से जल में लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना शुभ माना जाता है।
- व्रत और पूजा करें – पुरुषोत्तम भानु सप्तमी पर व्रत रखकर भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- गरीबों को दान दें – गेहूं, गुड़, लाल वस्त्र या तांबे की वस्तुओं का दान करना बेहद पुण्यदायी माना जाता है।
- आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें – इस दिन सूर्य मंत्र या आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करने से सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल बढ़ता है।
- तुलसी के पास दीपक जलाएं – शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहने की मान्यता है।
ये भी पढ़ें-Ganga Snan Rules: गंगा स्नान के नियम जान लें, कहीं अनर्थ न हो जाए
सम्बंधित ख़बरें
जब एक अप्सरा ने खत्म कर दिया दो शक्तिशाली असुरों का आतंक, तिलोत्तमा की कहानी सुन चौंक जाएंगे आप
Ganga Snan Rules: गंगा स्नान के नियम जान लें, कहीं अनर्थ न हो जाए
Lucky Rashi 2026: गंगा दशहरा ला रहा है इन 5 राशि के जातकों के लिए भाग्योदय के योग
पति-पत्नी को एक ही थाली में क्यों नहीं खाना चाहिए? जानिए भोजन के नियम और माता लक्ष्मी की कृपा का संबंध
भानु सप्तमी की महिमा
धर्म शास्त्रों में भानु सप्तमी की महिमा का विस्तृत वर्णन किया गया है।सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है। जीव जंतु, वनस्पति, और मनुष्य सभी के लिए सूर्य की किरणें मिलना अति आवश्यक हैं। इसके साथ ही हिंदू धर्म में सूर्य भगवान को ऊर्जा, शक्ति आदि का प्रतीक माना जाता है। भगवान सूर्य को समर्पित कई ऐसे पर्व हैं, जिस दिन भक्त विधि-विधान से उनकी पूजा व जप-तप आदि करते हैं। उन्हीं में से एक पावन तिथि है ‘भानु सप्तमी’।
पुरुषोत्तम मास या अधिक मास के दौरान आने वाली भानु सप्तमी का महत्व अत्यंत अलौकिक होता है।इस पर्व पर जातक सूर्य भगवान की आराधना कर अच्छे स्वास्थ्य और सौभाग्य की कामना करते हैं।
