चाणक्य की नीति (सौ.सोशल मीडिया)
Chanakya Niti: शायद ही कोई आचार्य चाणक्य के नाम से अनजान हो। इन्हें भारत का सबसे विद्वान और महान अर्थशास्त्री के रूप में जाना जाता है। चाणक्य ने अपने नीति में जीवन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सीखें दी हैं। इनमें कुछ ऐसे लोगों से दूर रहने की सलाह भी शामिल है, जिनकी संगति जीवन में दुख, तनाव और बर्बादी तक का कारण बन सकती है। ऐसे में आइए जानते है आचार्य चाणक्य से किन लोगों से दूरी बना लेना ही सुख और सफलता की चाबी है।
चाणक्य नीति में कहा गया है कि हर व्यक्ति का जीवन उसके आसपास मौजूद लोगों की सोच और व्यवहार से प्रभावित होता है। अगर हम गलत व्यक्तियों के संपर्क में रहते हैं, तो उनका नकारात्मक प्रभाव हमारी प्रगति, मानसिक शांति और आत्मविश्वास को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए चाणक्य विशेष रूप से चेतावनी देते हैं कि ऐसे लोगों से जितना जल्दी हो सके, दूरी बना लेनी चाहिए।
आचार्य चाणक्य का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की वास्तविक पहचान कठिन समय में होती है। जो लोग संकट आने पर आपका साथ छोड़ देते हैं या पल्ला झाड़ लेते हैं, ऐसे लोग कभी आपके सच्चे हितैषी नहीं हो सकते। ऐसे रिश्तों और दोस्ती से दूरी बनाकर रखना समझदारी माना गया है, क्योंकि ये लोग आगे चलकर और दर्द दे सकते हैं।
आगे आचार्य चाणक्य कहते हैं कि वह दोस्त जो सामने अच्छा बने और पीछे आपकी बुराई करे, किसी शत्रु से कम नहीं होता। ऐसे लोग मन में कटु भाव रखते हैं और समय आने पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। चाणक्य स्पष्ट कहते हैं कि इस तरह के लोग जीवन को नर्क जैसा बना देते हैं, इसलिए इनसे दूर रहना ही बुद्धिमानी है।
अगर कोई व्यक्ति बार-बार आपका अपमान करता है, तनाव देता है या आपको मानसिक रूप से कमजोर करता है, तो चाणक्य इसे तुरंत छोड़ देने की सलाह देते हैं। ऐसे लोग आत्मविश्वास को तोड़ते हैं और जीवन में रुकावटें पैदा करते हैं।
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चाणक्य के अनुसार ईर्ष्या, घृणा या दुष्ट प्रवृत्ति रखने वाला व्यक्ति जीवन पर बुरा प्रभाव डालता है। इसके अलावा जो लोग कानून, मर्यादा और समाज के नियमों का सम्मान नहीं करते, उनसे भी दूर रहना चाहिए। उनकी संगति में रहकर व्यक्ति स्वयं भी गलत दिशा में जा सकता है।