भारत की प्रसिद्ध महिलाएं (सौ. पिन्टरेस्ट) 
लाइफस्टाइल

International Women’s Day: इतिहास रचने वाली भारत की 5 बेटियां; जिन्होंने अपनी जिद से बदली हिंदुस्तान की तस्वीर

Inspiring Indian Women In History: भारत की कई बेटियों ने अपने साहस, मेहनत और दृढ़ संकल्प से इतिहास रचा है और समाज में नई सोच की राह दिखाई है। उनकी प्रेरणादायक कहानियां न सिर्फ महिलाओं बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती हैं।

प्रीति शर्मा
8 मार्च यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का दिन उन महिलाओं के नाम है जिन्होंने समाज की सीमाओं को लांघकर खुद को साबित किया। भारत की धरती हमेशा से वीरांगनाओं की जननी रही है। साल 2026 में जब हम अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना रहे हैं तो यह उन चेहरों को याद करने का सबसे सही समय है जिन्होंने अपने दम पर न केवल अपनी तकदीर बदली बल्कि करोड़ों भारतीय लड़कियों के लिए प्रेरणा का नया स्रोत बनीं। इन महिलाओं ने राजनीति से लेकर अंतरिक्ष और खेल के मैदान तक हर जगह तिरंगा फहराया है।
कल्पना चावला: हरियाणा की एक छोटी सी जगह से निकलकर नासा (NASA) तक का सफर तय करने वाली कल्पना चावला आज भी हर उस लड़की की प्रेरणा हैं जो आसमान छूने का सपना देखती हैं। उन्होंने साबित किया कि अगर इरादे फौलादी हों तो अंतरिक्ष की दूरियां भी छोटी पड़ जाती हैं। उनकी जिद ने भारत को अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में एक अलग पहचान दिलाई।
इंदिरा गांधी: आयरन लेडी के नाम से मशहूर इंदिरा गांधी ने उस दौर में देश का नेतृत्व किया जब राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बहुत सीमित थी। उनके कड़े फैसलों और नेतृत्व क्षमता ने न केवल भारत को सशक्त बनाया बल्कि दुनिया के सामने यह संदेश दिया कि एक महिला राष्ट्र का भविष्य बदलने की ताकत रखती है।
सुधा मूर्ति: इंफोसिस फाउंडेशन की चेयरपर्सन सुधा मूर्ति ने कॉरपोरेट जगत में अपनी सादगी और बुद्धिमत्ता से अलग पहचान बनाई। टाटा मोटर्स में पहली महिला इंजीनियर बनने के लिए जेआरडी टाटा को पत्र लिखने वाली उनकी जिद ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में महिलाओं के लिए दरवाजे खोल दिए। आज वे अपनी लेखनी और समाजसेवा से लाखों लोगों का जीवन संवार रही हैं।
मिताली राज: क्रिकेट को भारत में पुरुषों का खेल माना जाता था लेकिन मिताली राज ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली मिताली ने महिला क्रिकेट को वह पहचान और सम्मान दिलाया जिसकी वह हकदार थी। आज उनकी वजह से देश की हर गली में लड़कियां हाथ में बल्ला थामने का साहस कर पा रही हैं।
मैरी कॉम: 6 बार की विश्व चैंपियन मैरी कॉम की कहानी गरीबी, संघर्ष और मातृत्व के बाद वापसी की अद्भुत मिसाल है। मणिपुर की इस बेटी ने रिंग के अंदर बड़े-बड़े प्रतिद्वंद्वियों को ही नहीं बल्कि समाज की उन सोच को भी पटखनी दी जो मानती थी कि शादी और बच्चों के बाद करियर खत्म हो जाता है।

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