Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

समझदार बनो, जीवन खुद बदल जाएगा, अंदर की आग को पहचान लिया तो भगवान दूर नहीं रहेंगे – Shri Premanand Ji Maharaj

Spiritual Gyan: जीवन की दौड़ में अक्सर इंसान अपने भीतर उठने वाली बेचैनी, इच्छाओं और वासनाओं को दुश्मन मान लेता है। लेकिन संतों और महापुरुषों की दृष्टि इससे बिल्कुल अलग है।

  • Written By: सिमरन सिंह
Updated On: Jan 27, 2026 | 06:36 PM

Shri Premanand Ji Maharaj (Source. Pinterest)

Follow Us
Close
Follow Us:

Shri Premanand Ji Maharaj: जीवन की दौड़ में अक्सर इंसान अपने भीतर उठने वाली बेचैनी, इच्छाओं और वासनाओं को दुश्मन मान लेता है। लेकिन संतों और महापुरुषों की दृष्टि इससे बिल्कुल अलग है। Shri Premanand Ji Maharaj कहते हैं कि यही भीतर की आग अगर सही दिशा में लग जाए, तो इंसान का जीवन ही नहीं, उसकी आत्मा तक बदल सकती है।

भीतर की आग: कमजोरी नहीं, सबसे बड़ी ताकत

जैसे जेम्स वाट ने उबलते पानी से उठती भाप को बेकार जाने नहीं दिया और उसी से इंजन बना दिया, वैसे ही काम, क्रोध और लोभ की आग भी एक शक्ति है। अगर इस आग को भोग-विलास से शांत करने की कोशिश की जाए, तो आत्मिक शक्ति नष्ट होती है। लेकिन अगर इस बेचैनी को सहन करके भगवान की ओर मोड़ दिया जाए, तो यही आग ईश्वर तक पहुंचने का साधन बन जाती है।

भक्ति की ऊंचाई तक पहुंचने के 6 स्तंभ

आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ने के लिए छह गुणों का होना जरूरी बताया गया है:

सम्बंधित ख़बरें

मृत्यु के बाद भीष्म पितामह के साथ क्या हुआ? 58 दिन शरशय्या पर रहने के पीछे छिपा है बड़ा रहस्य

मृत्यु के समय कितनी थी रावण की उम्र? जानकर चौंक जाएंगे, रामायण में छिपा है बड़ा रहस्य

होलाष्टक के 8 दिनों में बच कर रहें इन बातों से, वरना भुगतने पड़ सकते हैं बुरे परिणाम

Love Rashifal 28 January: रिश्तों की होगी परीक्षा, कहीं प्यार बढ़ेगा तो कहीं गलतफहमी बढ़ा सकती है दूरी

  • परम क्षमा: बार-बार गलती करने वाले को भी माफ करने की शक्ति।
  • समय का सम्मान: एक पल भी व्यर्थ बातों में न गंवाना।
  • भोग से दूरी: मुफ्त में मिले सुख को भी ठुकरा देना।
  • अपमान में विनम्रता: मान को विष और अपमान को अमृत समझना।
  • गुरु वाणी से जुड़ाव: गुरु द्वारा बताए मार्ग पर अडिग रहना।
  • पूर्ण शरणागति: स्वयं को कोरे कागज की तरह गुरु के हाथ सौंप देना।

भगवान वैसे ही मिलते हैं, जैसे आप उन्हें देखते हैं

ईश्वर कोई दूर बैठी सत्ता नहीं है। श्रीकृष्ण उसी रूप में प्रकट होते हैं, जिस भाव से आप उन्हें याद करते हैं। कंस और शिशुपाल जैसे लोग भी उन्हें द्वेष में याद करते रहे और अंततः उन्हें प्राप्त हो गए। लेकिन आम व्यक्ति के लिए सबसे सुरक्षित मार्ग है प्रेम और समर्पण। कहा गया है, “आप भगवान की ओर एक कदम बढ़ाइए, वे सौ कदम बढ़कर आते हैं।”

ये भी पढ़े: मृत्यु के बाद भीष्म पितामह के साथ क्या हुआ? 58 दिन शरशय्या पर रहने के पीछे छिपा है बड़ा रहस्य

इंद्रियों का जाल: सबसे बड़ा खतरा

पांचों इंद्रियां आज के समय में “मोबाइल देवता” बन चुकी हैं तुरंत सुख देती हैं, लेकिन आत्मा को खोखला कर देती हैं। सौभरि ऋषि जैसे तपस्वी भी इस जाल में फंस गए थे। ध्यान रखें, साधना में जो जलन और बेचैनी होती है, वही विरह की पीड़ा है और यही भगवान से मिलन की तैयारी।

अंतिम संकल्प: मौका फिर नहीं मिलेगा

गुरु भगवान की कृपा का स्वरूप होते हैं हजार माताओं का प्रेम और हजार पिताओं का अनुशासन। इस मानव जन्म को व्यर्थ न जाने दें। भले ही शुरुआत मजबूरी से हो, लेकिन मन से कहते रहें “मैं भगवान का हूं और भगवान मेरे हैं।” नाम जप और इंद्रिय संयम से वही दिन आएगा, जब जन्म-मरण का चक्र टूटेगा और प्रिय-प्रितम का साक्षात्कार होगा।

Be wise and life will change on its own if you recognize the fire within god will not be far away shri premanand ji maharaj

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 27, 2026 | 06:36 PM

Topics:  

  • Premanand Maharaj
  • Religion
  • Sanatan Culture
  • Sanatana Dharma

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.