Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

पहली बार कर रहे हैं गणगौर पूजा, तो इसके नियम सावधानी से पढ़ें और नोट कर लें, फलित होगी पूजा!

Gangaur Puja Samagri List: पहली बार गणगौर पूजा कर रहे हैं तो इसके नियमों को जानना जरूरी है। सही विधि और सावधानियों के साथ पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और शुभ फल प्राप्त होता है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Mar 17, 2026 | 11:36 PM

गणगौर पूजा(सौ.सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Gangaur Vrat Kaise Kare: गणगौर व्रत हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। खासतौर पर, राजस्थान में इस पर्व की अलग ही धूम देखने को मिलती है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। अविवाहित लड़कियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। ज्योतिषयों के अनुसार, अगर गणगौर व्रत को पहली बार करने जा रही हैं, तो इसके सही नियम और विधि को जानना आपके लिए बेहद जरूरी होगा।

पहली बार गणगौर व्रत के प्रमुख नियम

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें

ज्योतिषयों के अनुसार,अगर आप पहली बार गणगौर व्रत रखने जा रहे है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और ध्यान करें। फिर देवी गौरी और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।

  • शिव पार्वती की पूजा करें

इस दिन पूजा में विधि-विधान से माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें। इस दौरान भक्त शिव और गौरी माता की मूर्तियां स्थापित करते हैं, जिनकी पूजा सच्चे मन से की जाती है।

सम्बंधित ख़बरें

गणगौर पूजा में बिल्कुल न करें ये गलतियां, वरना पड़ सकता है बड़ा भारी

मनचाहा जीवन साथी और सुख-समृद्धि के लिए विधिवत करें गणगौर पूजा, जानिए किस भगवान की होती है पूजा

चैत्र नवरात्रि 2026: कलश स्थापना के साथ क्यों बोया जाता है जौ? जानिए इसकी असली वजह और धार्मिक महत्व

चैत्र अमावस्या के दिन अपनी राशि के अनुसार करें इन वस्तुओं का दान, परेशानियों से मिलेगा छुटकारा

  • महिलाएं सोलह श्रृंगार करें

इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर शिव पार्वती की पूजा करें। कहा जाता है कि इससे समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

  • जन और कीर्तन करें

गणगौर पूजा के दिन भजन और कीर्तन करें और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। इससे शिवजी की कृपा प्राप्त होती है और व्रत का फल मिलता है।

  • मां पार्वती को सोलह श्रृंगार चढ़ाएं

पूजा में देवी पार्वती को सोलह श्रृंगार का सामान चढ़ाएं, इससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।

यह भी पढ़ें–गणगौर पूजा में बिल्कुल न करें ये गलतियां, वरना पड़ सकता है बड़ा भारी

गणगौर व्रत में क्या न करें?

  • बताया जाता है कि, अगर आप पहली बार गणगौर व्रत रखने जा रहे है, तो व्रत के दौरान किसी भी तरह के अपशब्द का उपयोग न करें, क्योंकि बुरी बातें बोलने से व्रत का पूरा फल नहीं मिलता है।
  • इस दिन किसी भी गरीब व्यक्ति को द्वार से खाली हाथ न जाने दें। पूजा के दिन दान पुण्य का विशेष महत्व होता है, और किसी को भी दुखी नहीं छोड़ना चाहिए।
    गणगौर पूजा के दौरान सोने से बचें।
  • इस दिन आपको माता पार्वती और भगवान शिव की भक्ति में समर्पित रहना चाहिए। यह दिन आत्मा की शुद्धि और मानसिक संतुलन बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
  • तामसिक भोजन से पूरी तरह बचें। नशे से दूर रहें और केवल शुद्ध आहार का सेवन करें, जिससे शरीर और मन दोनों शुद्ध रहें।
  • व्रत के दौरान आहार, विचार और व्यवहार को शुद्ध रखना जरूरी है।

First time gangaur puja rules guide for beginners

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 17, 2026 | 11:36 PM

Topics:  

  • Dharma
  • Religion News
  • Sanatan Hindu religion

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.