गणगौर पूजा(सौ.सोशल मीडिया)
Gangaur Vrat Kaise Kare: गणगौर व्रत हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है। खासतौर पर, राजस्थान में इस पर्व की अलग ही धूम देखने को मिलती है। इस दिन महिलाएं भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। अविवाहित लड़कियां भी मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए यह व्रत रखती हैं। ज्योतिषयों के अनुसार, अगर गणगौर व्रत को पहली बार करने जा रही हैं, तो इसके सही नियम और विधि को जानना आपके लिए बेहद जरूरी होगा।
ज्योतिषयों के अनुसार,अगर आप पहली बार गणगौर व्रत रखने जा रहे है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और ध्यान करें। फिर देवी गौरी और भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प लें।
इस दिन पूजा में विधि-विधान से माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करें। इस दौरान भक्त शिव और गौरी माता की मूर्तियां स्थापित करते हैं, जिनकी पूजा सच्चे मन से की जाती है।
इस दिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर शिव पार्वती की पूजा करें। कहा जाता है कि इससे समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
गणगौर पूजा के दिन भजन और कीर्तन करें और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करें। इससे शिवजी की कृपा प्राप्त होती है और व्रत का फल मिलता है।
पूजा में देवी पार्वती को सोलह श्रृंगार का सामान चढ़ाएं, इससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख-शांति का वास होता है।
यह भी पढ़ें–गणगौर पूजा में बिल्कुल न करें ये गलतियां, वरना पड़ सकता है बड़ा भारी