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बसंत पंचमी पर क्यों होती है कामदेव–रति की पूजा? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान!

Kamdev And Rati Puja: बसंत पंचमी पर कामदेव-रति की पूजा भी होती है क्योंकि बसंत ऋतु प्रेम और सृजन का प्रतीक है। इस दिन उनकी पूजा से वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौहार्द बढ़ता है।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Jan 23, 2026 | 03:17 PM

बसंत पंचमी पर कामदेव देव की पूजा (सौ.सोशल मीडिया)

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Kamdev Rati Worship : आज पूरे देशभर में बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। बसंत पंचमी का पर्व मुख्य रूप से भारत के पूर्वी हिस्सों में, विशेषकर पश्चिम बंगाल और बिहार में बहुत ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास से मनाया जाता है। वहीं, उत्तर भारत में यह पतंगों के त्योहार के रूप में भी मनाया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, बसंत पंचमी का सीधा रिश्ता मां सरस्वती के अवतरण दिवस से हैं। मां सरस्वती को विद्या, ज्ञान और कला की देवी के रूप में माना जाता है। पूरे देश में इस दिन को बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

बसंत पंचमी पर देवी सरस्वती की पूजा होती है और यह दिन वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि, आज के दिन कामदेव और रति की पूजा का भी महत्व है। आइए जानते हैं इस बारे में –

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आखिर बसंत पंचमी पर क्यों होती है कामदेव देव की पूजा

पौराणिक कथा के मुताबिक, बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने के साथ बसंत ऋतु के आगमन का जश्न मनाया जाता है। शास्त्रों में वसंत को सभी ऋतुओं का राजा बताया गया है। इस मौसम में ऋतु परिवर्तन हर ओर दिखाई देना लगता है।

मान्यता के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन कामदेव और रति भी स्वर्ग से धरती पर आते हैं, वैसे ही धरती पर बसंत ऋतु का आगमन होता है, तब प्रकृति भी हरियाली और फूलों का श्रृंगार करती है।

कहते हैं कि लोगों के बीच प्रेम की भावना बनी रहे, इसलिए बसंत पंचमी के दिन कामदेव और रति की पूजा की जाती है।

शास्त्रों में बताया गया है कि प्रेम और आकर्षण के स्वामी कामदेव और उनकी पत्नी नृत्य से पशु-पक्षियों और मानव जाती में प्रेम और काम की भावना जागृत होती है। मान्यता है कि इस दिन कामदेव की पूजा करने से लोगों के प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में मिठास और तालमेल बढ़ता है।

इन वजहों से होती है कामदेव और रति की पूजा

पौराणिक ग्रंथो में कामदेव को प्रेम का देव माना गया है। ऐसे में किसी के द्वारा कामदेव और रति की पूजा का बड़ा महत्व माना गया है। कहा गया है कि इनकी पूजा से दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

ये भी पढ़ें-बसंत पंचमी पर भूलकर भी न छोड़ें मां सरस्वती की ये आरती, वरना अधूरी रह जाएगी पूजा

साथ ही जातक के मन में एक नई उमंग आती है। वहीं, कामदेव और रति के आगमन मात्र से प्रकृति में हरियाली आ जाती है और फूल खिलने लगते हैं। माना गया कि इनकी पूजा से जातक की लवलाइफ़ और वैवाहिक संबंधों में मधुरता बढ़ जाती है। इसलिए इस दिन कामदेव और रति की पूजा का बड़ा महत्व माना गया है।

Basant panchami kamdev rati puja significance

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Published On: Jan 23, 2026 | 03:17 PM

Topics:  

  • Basant Panchami Importance
  • Goddess Saraswati
  • Religion

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