सौभाग्य को आकर्षित करता है। घर के मुख्य द्वार (सौ.सोशल मीडिया)
Vastu Shastra Main Door:मानव जीवन में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व होता है। वास्तु शास्त्र एक प्राचीन विज्ञान है। इसमें घर से लेकर उसमें रहने के सभी नियम विस्तार से बताए गए हैं। ऐसा माना जाता है कि वास्तु के नियम का पालन करने से जातक का जीवन खुशियों से भरा रहता है।
वास्तु शास्त्र की दृष्टि से घर के मुख्य द्वार एक अहम हिस्सा होता है, इसलिए मुख्य द्वार सही दिशा में होना चाहिए, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होगा। ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि किस दिशा में होना चाहिए घर का मुख्य द्वार।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार लिए उत्तर दिशा शुभ माना जाता है। इस दिशा को धन के देवता कुबेर का स्थान माना जाता है। इससे घर में धन का प्रभाव बना रहता है।
इसके अलावा पूर्व दिशा को भी घर के मुख्य द्वार के लिए उत्तम माना जाता है। यह दिशा सूर्य देव की है। इस दिशा में मुख्य द्वार होने से जातक को मान-सम्मान मिलता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।
अगर आप घर में शांति का माहौल चाहते हैं, तो घर का मुख्य द्वार ईशान कोण में होना चाहिए। इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
वहीं, वास्तु शास्त्र में वो दिशा भी बताई गई है, जहां घर का प्रवेश द्वार होना शुभ नहीं माना जाता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि दक्षिण पश्चिम दिशा घर के प्रवेश द्वार से के लिए शुभ नहीं होती है। घर के प्रवेश द्वार के लिए ये दिशा नकारात्मक मानी जाती है। अगर इस दिशा में घर का प्रवेश द्वार रहता है, तो बर्बादी और धन की हानि हो सकती है।
यह भी पढ़ें:-जया एकादशी पर तुलसी पूजन में रखें इन बातों का खास ख्याल, एक भूल बिगाड़ सकती है सारे काम।