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आमलकी एकादशी में किसकी होती है पूजा? ग्रहदोष के संकटों से बचना चाहते हैं तो जरूर पढ़ें

Astrological Remedies:आमलकी एकादशी में किसकी होती है पूजा और ग्रहदोष के संकटों से बचने के लिए क्या उपाय करने चाहिए, जानें इस पवित्र दिन के महत्व को।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Feb 21, 2026 | 06:19 PM

आमलकी एकादशी (सौ.सोशल मीडिया)

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Amalaki Ekadashi: शुक्रवार, 27 फरवरी 2026 को आमलकी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। श्री हरि भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए एकादशी व्रत को अत्यंत पुण्यदायी माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, आमलकी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के साथ शिव-पार्वती की पूजा करने के अलावा आंवले के पेड़ की पूजा और दान करने का भी विधान है। जिससे कई यज्ञों का फल मिलता है।

आंवले के पेड़ की पूजा का क्या है महत्व

आमलकी एकादशी पर आंवला वृक्ष की खास पूजा की जाती है। शास्त्रों के अनुसार आंवले के वृक्ष में श्रीहरि की वास माना जाता है। धर्म ग्रथों के अनुसार, आंवले को देखने मात्र से संकटों से मुक्ति मिलती है। स्पर्श से ग्रह दोष समाप्त होती हैं।

ऐसा कहा जाता है कि, आमलकी एकादशी पर जो भी व्यक्ति व महिला आंवला वृक्ष की पूजा करता है उसके सारी परेशानियां जड़ से समाप्त हो जाती हैं। साथ ही मोक्ष के द्वार उसके लिए खुल जाते हैं।

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इस दिन भगवान विष्णु जी पूजा में आंवला जरुर शामिल करना चाहिए। आंवले के रस से स्नान कराएं और आंवले का दान करें। मान्यता है इससे सुख-समृद्धि बनी रहती है और संतान को लंबी आयु का वरदान मिलता है।

आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष का पूजन हमें प्रकृति से जुड़ने और उसके संरक्षण का संदेश देता है।

कैसे करें आंवले वृक्ष का पूजन

आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा विष्णु कृपा पाने के लिए अत्यंत फलदायी है। इस दिन सुबह स्नानादि के बाद स्वच्छ वस्त्र पहनकर आंवले के वृक्ष की जड़ में जल, कच्चा दूध, रोली, चंदन, फूल और अक्षत अर्पित करें। वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं और विष्णु मंत्रों का जाप करते हुए 7, 11 या 108 बार परिक्रमा करें, फिर आरती उतारें।

आंवले की पूजा के प्रमुख लाभ और मान्यताएं

  • अक्षय पुण्य

आमलकी एकादशी के दिन पूजा करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट होते हैं और उसे कई जन्मों का पुण्य फल मिलता है।

  • सुख-समृद्धि

लोक मान्यता के अनुसार, आंवले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। इस दिन पूजा और परिक्रमा करने से घर में लक्ष्मी का वास होता है और दरिद्रता दूर होती है।

  • आरोग्य और अच्छा स्वास्थ्य

आंवले को अमृत फल माना जाता है। पूजा के साथ-साथ इस दिन आंवले का सेवन करने से निरोगी काया मिलती है।

ये भी पढ़े:-भद्रा काल में होलिका दहन करने से क्या होगा? जानिए अनिष्ट से बचने के उपाय

  • पितृ दोष में कमी

इस दिन की गई पूजा पितरों को तृप्त करती है, जिससे जीवन में सुख-शांति आती है।

  • कष्टों से मुक्ति

पौराणिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी की पूजा से जीवन के सभी कष्ट और बाधाएं दूर हो जाती हैं।

Amalaki ekadashi worship grah dosh remedies

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Published On: Feb 21, 2026 | 06:19 PM

Topics:  

  • Amalaki Ekadashi
  • Lord Vishnu
  • Religion

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