हनुमान जी (सौ.सोशल मीडिया)
Shaniwar Bajrang Baan Paath: हिंदू धर्म में सप्ताह के सातों दिन अलग-अलग देवी-देवताओं को समर्पित हैं, जिनका अपना विशेष महत्व है। ऐसे में शनिवार का दिन शनि देव के साथ-साथ संकटमोचन पवन पुत्र हनुमान जी की कृपा पाने के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष एवं धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि शनिवार को बजरंग बाण का पाठ करने से शनि के दोष, साढ़ेसाती, ढैय्या और अन्य ग्रह बाधाएं शांत हो जाती हैं।
हिन्दू धर्म में बजरंग बाण का आध्यात्मिक महत्व है। धर्म ग्रथों में बताया गया है कि बजरंग बाण में हनुमान जी की ऐसी शक्ति है कि यह भूत-प्रेत, ऊपरी बाधा, कर्ज, रोग, शत्रु भय और मानसिक तनाव से तुरंत मुक्ति दिलाता है।
शनिवार को इसका पाठ करने से फल दोगुना हो जाता है क्योंकि इस दिन शनि और हनुमान दोनों की ऊर्जा एक साथ कार्य करती है। शास्त्रों में लिखा है कि शनिवार को बजरंग बाण का 11 या 21 बार पाठ करने से साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है और जीवन में स्थिरता आती है।
बजरंग बाण का पाठ भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ किया जाए तो इसे अत्यंत फलदायी माना गया है। हनुमान की उपासना से जुड़ा यह स्तोत्र आध्यात्मिक, मानसिक और ज्योतिषीय दृष्टि से कई लाभ प्रदान करता है।
मान्यता है कि शनिवार को इसका पाठ करने से शनि देव के कष्ट, साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव में कमी आती है।
नियमित पाठ से मन में छिपे डर, चिंता और असुरक्षा की भावना कम होती है। सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और आत्मबल बढ़ता है।
‘बजरंग’ का अर्थ वज्र के समान मजबूत। इसका जप व्यक्ति को मानसिक रूप से दृढ़ बनाता है और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की शक्ति देता है।
जीवन में आ रही रुकावटें, कार्यों में देरी या बार-बार असफलता जैसी समस्याओं से राहत मिलने की मान्यता है।
भक्तों का विश्वास है कि बजरंग बाण का प्रभाव व्यक्ति को शारीरिक और मानसिक कष्टों से सुरक्षा प्रदान करता है।
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सच्चे मन और नियमपूर्वक किया गया पाठ इच्छित कार्यों में सफलता दिलाने में सहायक माना जाता है।
ध्यान रखें कि बजरंग बाण एक प्रभावशाली स्तोत्र है, इसलिए इसे पूर्ण श्रद्धा, संयम और सकारात्मक भावना के साथ ही पढ़ना चाहिए। नियमित रूप से शनिवार को इसका पाठ करने से जीवन में स्थिरता, शांति और सुरक्षा का अनुभव होता है।