शनिदेव(सौ.सोशल मीडिया)
Shaniwar Ke Upay Totke: हर इंसान अपने जीवन में सुख, शांति और सफलता चाहता है। लेकिन कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता नहीं मिलती और जीवन में लगातार परेशानियां आती रहती हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इसका एक कारण शनि का प्रभाव भी माना जाता है।
यदि कुंडली में शनि की स्थिति कमजोर हो, तो व्यक्ति को बाधाओं और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि शास्त्रों में इसके लिए कुछ सरल उपाय बताए गए हैं।
शनिवार को आत्मचिंतन, अनुशासन और सकारात्मक बदलाव का दिन माना गया है। इस दिन श्रद्धा और संयम के साथ किए गए छोटे-छोटे उपाय जीवन में संतुलन और स्थिरता लाने में सहायक माने जाते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब शनि अशुभ या कमजोर स्थिति में होते हैं, तो जीवन में बार-बार बाधाएं आ सकती हैं। करियर में अस्थिरता, व्यापार में हानि, कानूनी मामलों में देरी या उलझन और परिवार में तनाव जैसे संकेत देखने को मिल सकते हैं।
कई लोगों को ऐसा महसूस होता है कि मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। हालांकि यह आस्था से जुड़ा विषय है, लेकिन ऐसी परिस्थितियां व्यक्ति के मनोबल और मानसिक स्थिति पर प्रभाव डाल सकती हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार, यदि कुंडली में शनि की दशा ठीक न हो, तो शनिवार के दिन काला नमक या काला सुरमा किसी शांत स्थान पर दबाने से शनि दोष से मुक्ति मिल सकती है। ऐसा कहा जाता है कि, इससे नकारात्मकता कम होती है और मानसिक हल्कापन महसूस होता है।
कुंडली में शनि की दशा को ठीक करने के लिए उड़द दाल, काला चना, काली मिर्च या अन्य काली वस्तुओं का दान करना भी शुभ एवं लाभकारी माना जाता है।
कुंडली में शनि की दशा को ठीक करने के लिए बांसुरी में गुड़ भरकर रखना भी शुभ बताया गया है। छोटी बांसुरी में गुड़ भरकर किसी शांत स्थान पर रखने या दबाने से आर्थिक अड़चनों में राहत मिलती है।
शनि की दशा को ठीक करने के लिए लगातार 12 शनिवार तक मछलियों को दाना खिलाना भी शुभ माना जाता है। यह उपाय धैर्य, करुणा और नियमितता के भाव को मजबूत करने का प्रतीक माना जाता है।
कुंडली में शनि की दशा को ठीक करने के लिए शनिवार को 12 बादाम काले कपड़े में बांधकर घर की दक्षिण दिशा में रखने की परंपरा बताई जाती है। इसे जीवन में स्थिरता और संतुलन का संकेत माना जाता है।
शनिवार का व्रत रखना और दिनभर श्रद्धा से शनि मंत्र का जाप करना मानसिक शांति व आत्मअनुशासन बढ़ाने वाला माना जाता है। कई लोग इस दिन सूर्यास्त के बाद ही भोजन करते हैं।
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किसी महत्वपूर्ण कार्य से पहले घर में पानी से भरा मिट्टी का घड़ा रखना शुभ संकेत माना जाता है। यह उपाय स्थिरता, संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।