'...सिर्फ पर्यटकों पर नहीं, ये देश पर हमला है', सचिन पायलट बोले-आतंक के आकाओं को देना होगा मुंहतोड़ जवाब

पहलगाम आतंकी हमले पर सचिन पायलट ने कहा कि ये सिर्फ पर्यटकों पर नहीं, देश पर हमला है। पूरा विपक्ष सरकार के साथ खड़ा है। आतंक के आकाओं को मुंहतोड़ जवाब देना होगा, जिससे फिर ऐसी जुर्रत कभी कोई न करे।
'...सिर्फ पर्यटकों पर नहीं, ये देश पर हमला है', सचिन पायलट बोले-आतंक के आकाओं को देना होगा मुंहतोड़ जवाब
सचिन पायलट (फोटो- सोशल मीडिया)
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जयपुरः कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने पहलगाम हमले को लेकर कहा कि यह सिर्फ पर्यटकों पर हमला नहीं है, यह भारत पर हमला है। उन्होंने कहा कि सरकार को 140 करोड़ भारतीयों और सभी राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि हम संकट की इस घड़ी में सरकार के साथ हैं, लेकिन उन्हें आतंकवाद का मुंहतोड़ जवाब देना होगा। भारत सरकार के पास जितने भी संसाधन हैं, उन्हें जुटाकर ऐसा जवाब देना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटना कभी न हो सके।

पायलट ने यह भी कहा कि सशस्त्र बलों को खुली छूट देना अच्छी बात है, लेकिन उन्हें अपनी कार्रवाई के बारे में स्पष्ट निर्देश भी दिए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वे बेहतर जानते हैं कि क्या करना है, क्योंकि उनके पास सभी खुफिया सूचनाएं और संसाधन हैं। उन्हें संकोच नहीं करना चाहिए, पूरा देश उनके साथ खड़ा है।

'संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए'

कांग्रेस महासचिव ने मांग की कि इस घटना पर चर्चा करने और दुनिया के सामने देश में एकता प्रदर्शित करने के लिए संसद का सत्र बुलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमने मांग की कि संसद का सत्र बुलाया जाना चाहिए ताकि दुनिया के सामने देश में एकता प्रदर्शित की जा सके। प्रधानमंत्री सर्वदलीय बैठक में शामिल नहीं हुए। हम आज भी सरकार के साथ खड़े हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि सरकार संकोच न करे। उन्हें जो भी कदम उठाने हैं, वे उठाएं, हम उनके साथ हैं।

पहगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाकर आतंकी हमला किया गया था, जिसमें एक नेपाली नागरिक समेत 26 लोग मारे गए थे। पीड़ितों को क्षेत्र के एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल बैसरन मैदान के पास गोली मार दी गई थी। यह हमला 2019 के पुलवामा हमले के बाद से क्षेत्र में सबसे घातक हमलों में से एक है, जिसके परिणामस्वरूप 40 केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान शहीद हो गए थे। हमले के बाद भारत ने सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए हैं, जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित रखना और अटारी में एकीकृत चेक पोस्ट को बंद करना शामिल है।

आतंकवाद को झटका देने के मूड में भारतः सूत्र

29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बैठक की अध्यक्षता की जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और तीनों सेनाओं के प्रमुख शामिल हुए। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। यह बैठक पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद 23 अप्रैल को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के कुछ दिनों बाद हुई। सरकारी सूत्रों ने बताया कि पीएम मोदी ने इस बात की पुष्टि की कि आतंकवाद को करारा झटका देना भारत का राष्ट्रीय संकल्प है।

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