फिर गूगल मैप ने दिखाया मौत का रास्ता! उफनती नदी में कुदाकर पहुंचा दिया परलोक

Rajasthan में मंगलवार गूगल मैप ने 3 साल से बंद टूटी पुलिया का रास्ता दिखा दिया। इससे 9 लोगों से भरी वैन उफनती बनास नदी में बह गई। हादसे में दो महिलाओं और एक बच्ची की मौत हो गई।
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खराब रास्ता नहीं भांप पाता GPS घटना का प्रतीकात्मक फोटो (AI)
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Rajasthan Google Maps Chittorgarh Accident: आधुनिक तकनीक पर आंख मूंदकर भरोसा करना भी कितना घातक हो सकता है, इसका एक दर्दनाक उदाहरण राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में देखने को मिला है। यहां गूगल मैप के बताए रास्ते पर चलना एक परिवार के लिए काल बन गया। गूगल मैप ने नौ लोगों से भरी एक वैन को तीन साल से बंद पड़ी टूटी पुलिया का रास्ता दिखा दिया, जिसके बाद वैन उफनती बनास नदी में बह गई। इस भयावह हादसे में दो महिलाओं और एक बच्ची की मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्ची अब भी लापता है।

यह दिल दहला देने वाली घटना मंगलवार देर रात करीब एक बजे चित्तौड़गढ़ के कपासन में सोमी-उपेरड़ा पुलिया पर हुई। भूपालसागर का रहने वाला एक परिवार भीलवाड़ा से दर्शन कर लौट रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार बताया गया कि उन्होंने ड्राइवर को रास्ते में पानी भरे होने की चेतावनी दी थी, लेकिन ड्राइवर ने गूगल मैप पर भरोसा करना बेहतर समझा। अंधेरा होने के कारण ड्राइवर टूटी पुलिया को भांप नहीं पाया और गाड़ी सीधे नदी के तेज बहाव में जा गिरी, जिसके बाद वैन करीब 300 मीटर दूर तक बह गई।

ड्राइवर की सूझबूझ और ग्रामीणों की मदद से बची 5 जानें

हादसे के तुरंत बाद ड्राइवर मदनलाल ने हिम्मत नहीं हारी। उसने वैन का शीशा तोड़ा और किसी तरह गाड़ी की छत पर चढ़ गया। इसके बाद उसने एक-एक कर पांच और लोगों को छत पर खींच लिया, जिससे उनकी जान बच सकी। इसी बीच, चीख-पुकार सुनकर स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। उनकी मदद से ही पांच लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। बुधवार सुबह बचाव अभियान के दौरान दो महिलाओं और एक बच्ची के शव नदी से बरामद किए गए, जबकि एक बच्ची की तलाश अभी भी जारी है।

क्या गूगल मैप पर आंख मूंदकर भरोसा करना सही है?

यह हादसा तकनीक के भरोसे और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर करता है। गूगल मैप अक्सर सबसे छोटा और तेज रास्ता दिखाने के लिए जाना जाता है, लेकिन वह रास्ते की सुरक्षा, जैसे कि सड़क का टूटना या पानी भरा होना, को लेकर कोई चेतावनी नहीं देता। खासकर ग्रामीण और अनजान रास्तों पर, जहां नेटवर्क और अपडेट की समस्या हो सकती है, गूगल मैप पर पूरी तरह निर्भर रहना खतरनाक साबित हो सकता है। यह घटना एक सबक है कि तकनीक हमारी राह आसान जरूर करती है, लेकिन रात के समय या अनजान इलाकों में स्थानीय लोगों की सलाह को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

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